महाकाल की राजसी सवारी में दिखेगी सिंहस्थ की पेशवाई की झलक, पहली बार गूंजेगा कैलाश वाद्यम, तीन स्थानों से ड्रोन करेगा पुष्पवर्षा


विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से 7 सितंबर को निकलने वाली भगवान महाकाल की राजसी सवारी सिंहस्थ 2028 की पेशवाई की झलक लिए हुए नजर आएगी। सवारी …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 04 Sep 2026 09:35:02 PM (IST)Updated Date: Fri, 04 Sep 2026 09:35:02 PM (IST)

महाकाल की राजसी सवारी में दिखेगी सिंहस्थ की पेशवाई की झलक, पहली बार गूंजेगा कैलाश वाद्यम, तीन स्थानों से ड्रोन करेगा पुष्पवर्षा
कैलाश वाद्यम की प्रस्तुति। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 70 भजन मंडलियां करेंगी सवारी की अगवानी
  2. राजसी सवारी सिंहस्थ 2028 की पेशवाई की झलक लिए हुए नजर आएगी
  3. सवारी में धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और भव्यता का संगम देखने को मिलेगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर से 7 सितंबर को निकलने वाली भगवान महाकाल की राजसी सवारी सिंहस्थ 2028 की पेशवाई की झलक लिए हुए नजर आएगी। सवारी में धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति और भव्यता का संगम देखने को मिलेगा।

पहली बार ईशा योग केंद्र, कोयंबटूर का कैलाश वाद्यम महाकाल मंदिर में अपनी प्रस्तुति देगा। वहीं सवारी मार्ग पर तीन स्थानों से ड्रोन के माध्यम से पुष्पवर्षा की जाएगी। करीब 70 भजन मंडलियां और विभिन्न दल सवारी की अगवानी करेंगे।

कैलाश वाद्यम की प्रस्तुति दोपहर 3 बजे महाकाल मंदिर परिसर में होगी। यह केवल संगीत प्रस्तुति नहीं, बल्कि कैलाश की ध्वनियों से प्रेरित भक्तिमय अनुभव है। विभिन्न वाद्य यंत्रों के समन्वय से तैयार यह प्रस्तुति ध्वनि के माध्यम से भक्ति और शिवत्व का अनुभव कराने का प्रयास करती है। इसके लिए ईशा योग केंद्र, कोयंबटूर से 20 स्वयंसेवक उज्जैन पहुंचेंगे।

राजसी सवारी में भगवान महाकाल चांदी पालकी में चंद्रमोलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिवतांडव, नंदी पर उमा-महेश, डोल रथ पर होलकर तथा विशेष रथ पर सप्तधान स्वरूप में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। भगवान का सप्तधान मुखारविंद सात प्रकार की धातुओं से मिलकर बना है, इसलिए इसे सप्तधान मुखारविंद कहा जाता है।

ड्रोन से पुष्प वर्षा आकर्षण का केंद्र

श्रावण-भाद्रपद मास की पांच वीं सवारी में हैलिकाप्टर से पुष्प वर्षा की गई थी। मंदिर प्रशासन के अनुसार राजसी सवारी में ड्रोन से पुष्प वर्षा की जाएगी। इसके लिए विशेष ड्रोन तथा देश विदेश की विभिन्न किस्म के करीब 50 क्विंटल फूल मंगवाए जा रहे हैं। मंदिर के शहनाई गेट पर जब भगवान को सशस्त्र बल द्वारा गार्ड आफ आनर दिया जाएगा, तब पहली बार ड्रोन से फूल बरसाए जाएंगे। इसके बाद शिप्रा तट व गोपाल मंदिर भी पुष्प वर्षा होगी।

चार हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था

भगवान महाकाल की राजसी सवारी में सुरक्षा के चाकचौबंद इंतजाम रहेंगे। करीब सात किलो मीटर लंबे सवारी मार्ग पर चार हजार पुलिस जवान सुरक्षा व्यवस्था संभा लेंगे। दो सौ से अधिक पुलिस जवान सादी वर्दी में शरारती तत्वों पर निगरानी रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थित से निपटने के लिए व्रज आद वाहन भी तैनात रहेंगे।

यह भी पढ़ें- उज्जैन में गूंजा जय महाकाल… चंद्रमौलेश्वर रूप में नगर भ्रमण पर निकले बाबा, तस्वीरों में देखें अवंतिकानाथ का राजसी वैभव



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *