उज्जैन में रात 12 बजे से भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन शुरू, आज रात नौ बजे तक कतार में खड़े हो सकेंगे भक्त


नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में नागपंचमी पर रविवार रात 12 बजे भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने के बाद दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला सोमवार रात 12 बजे तक चलेगा। भक्त सोमवार रात नौ बजे तक दर्शन की कतार में खड़े हो सकते हैं। इसके बाद भक्तों को कतार में लगने नहीं दिया जाएगा।

भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए देशभर से भक्तों का उज्जैन पहुंचने का सिलसिला रविवार सुबह से शुरू हो गया था। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान तथा आसपास के सीमावर्ती राज्यों से सैंकड़ों वहानों में सवार होकर हजारों भक्त उज्जैन पहुंचने लगे थे। शाम होते होते मंदिर के आसपास की सारी पार्किंग फुल हो गई थी।

महाकाल मंदिर के आसपास आस्था का ज्वार उमड़ रहा था। भक्त शाम 6 बजे से दर्शन की कतार में खड़े हो गए थे। जैसे ही रात 12 बजे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुले भक्त भगवान महाकाल व भगवान नागचंद्रेश्वर के जयकारे लगाने लगे। परंपरागत पूजा अर्चना के बाद दर्शन का सिलासिला शुरू हुआ, जो आज सोमवार रात 12 बजे तक निरंतर जारी रहेगा।

मंदिर की परंपरा अनुसार सोमवार दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से भगवान नागचंद्रेश्वर की शासकीय पूजा की जाएगी। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप ओर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भगवान की पूजा-अर्चना करेंगे।

शाम 7.30 बजे भगवान महाकाल की संध्या आरती के बाद महाकाल मंदिर के पुजारी, पुरोहित द्वारा भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा अर्चना की जाएगी। इसके बाद सोमवार रात 12 बजे महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से पूजा अर्चना के बाद फिर से एक साल के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।

महाकाल के शीश सजेगा शेषनाथ

महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा अनुसार सोमवार को भगवान महाकाल को चांदी का शेषनाग धारण कराया जाएगा।

महापर्व पर यह इंतजाम खास

  • 24 घंटे चलेगा दर्शन का सिलसिला
  • 2400 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
  • 200 कैमरों से रखी जाएगी निगरानी
  • 10 ड्रोन रखेंगे चप्पे-चप्पे पर नजर
  • 16 स्थानों पर उपलब्ध रहेगी स्वास्थ्य सेवा
  • 70 डाक्टर की मौजूदगी रहेगी
  • 200 स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे

आज नागचंद्रेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था

सामान्य दर्शन

भगवान नागचंद्रेश्वर के निश्शुल्क दर्शन करने वाले दर्शनार्थियों को कर्कराज पार्किंग स्थित सामान्य दर्शनार्थियों के द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। यहां से दर्शनार्थी भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा और बड़ा गणेश होते हुए प्रवेश द्वार क्रमांक-4 से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद विश्रामधाम होते हुए भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन होंगे। दर्शन के बाद चौबीस खंबा माता मंदिर रोड होते हुए श्रद्धालु पुन: कर्कराज पार्किंग की ओर जाएंगे।

शीघ्र दर्शन

भगवान नागचंद्रेश्वर के शीघ्र दर्शन के लिए दर्शनार्थी हरसिद्धि चौराहा से बड़ा गणेश मंदिर के सामने से मंदिर के गेट नं. 5 होते हुए विश्रामधाम पहुंचेंगे। दर्शन के बाद चौबीस खंबा माता मंदिर रोड होते हुए हरसिद्धि पाल की ओर जाएंगे।

मजबूती का परीक्षण कराया

महाकाल मंदिर परिसर में विश्राम धाम से नागचंद्रेश्वर मंदिर को जोड़ने के लिए वर्ष 2022 में एरो ब्रिज का निर्माण किया गया था। शनिवार को इस पुल का मजबूती परीक्षण कराया गया। एरो ब्रिज पर एक साथ कोर कंपनी के 300 सुरक्षाकर्मियों को जंप करवाया गया। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इससे पुल के स्ट्रक्चर का मजबूती परीक्षण होगा। वहीं, कुछ लोगों ने पुल की मजबूती जांचने के इस तरीके को गलत बताया है। उनका कहना है कि इसके लिए विशेषज्ञों की निगरानी में अभियांत्रिकीय तकनीक से परीक्षण कराया जाना चाहिए।



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