उज्जैन में महाकाल क्षेत्र के लिए 645 करोड़ रुपये का लोन लेने जा रहा यूडीए
महाकाल क्षेत्र के विकास के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) 645 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रहा है। अब सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए बैंक से टर्म…और पढ़ें

HighLights
- अब कर्ज के सहारे पूरी होगी सिंहस्थ-2028 की तैयारी, बैंक चुनने को प्रक्रिया शुरू
- यह निर्माण एजेंसी नहीं, बल्कि सबसे कम ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराने वाले बैंक चयन करने की प्रक्रिया है
- इस राशि से महाकाल मंदिर क्षेत्र और आसपास प्रस्तावित विकास कार्यों को वित्तीय आधार मिलेगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाकाल क्षेत्र के विकास के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) 645 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रहा है। अब सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए बैंक से टर्म लोन लिया जाएगा। इसके लिए यूडीए ने वित्तीय संस्थाओं और बैंकों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) आमंत्रित किया है।
यह किसी निर्माण एजेंसी का नहीं, बल्कि सबसे कम ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराने वाले बैंक का चयन करने की प्रक्रिया है। इस राशि से “इंटीग्रेटेड टेंपल इकोसिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट” के तहत महाकाल मंदिर क्षेत्र और आसपास प्रस्तावित विकास कार्यों को वित्तीय आधार मिलेगा।
यूडीए का कहना है कि सिंहस्थ-2028 से पहले महाकाल क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का बड़ा विस्तार किया जाना है। सड़क, यात्री सुविधाएं, सार्वजनिक अधोसंरचना और मंदिर क्षेत्र से जुड़े विकास कार्य समय पर पूरे हों, इसके लिए पहले वित्तीय संसाधन सुनिश्चित किए जा रहे हैं। उद्देश्य यह है कि किसी भी परियोजना की गति धन की कमी के कारण प्रभावित न हो।
टेंडर की सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि सबसे कम ब्याज और सबसे बेहतर वित्तीय शर्तें देने वाले बैंक या वित्तीय संस्थान का चयन किया जाएगा। इच्छुक बैंकों को 91 दिन के ट्रेजरी बिल (टी-बिल), एमसीएलआर अथवा रेपो रेट के आधार पर अपनी ब्याज दर के साथ स्प्रेड भी बताना होगा।
चयनित बैंक को पूरी ऋण प्रक्रिया, धनराशि वितरण और अनुबंध की शर्तों का पालन करना होगा। साथ ही बड़े प्रोजेक्ट को वित्तपोषित करने का अनुभव और वित्तीय क्षमता भी चयन के प्रमुख मानदंड रहेंगे। यूडीए का मानना है कि प्रतिस्पर्धी ब्याज दर पर ऋण मिलने से लंबे समय में वित्तीय बोझ कम रहेगा और विकास कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जा सकेंगे।
यह कदम पहली बार
यह पहली बार है जब महाकाल क्षेत्र के इतने बड़े विकास प्रोजेक्ट के लिए इस तरह बैंक से टर्म लोन लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सरकार और यूडीए समय रहते वित्तीय व्यवस्था को अंतिम रूप देना चाहते हैं, ताकि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।