नागदा में चंबल नदी उफान पर, मां चामुंडा मंदिर तक पहुंचा पानी; पहली बरसात में ही चारों डैम ओवरफ्लो
नागदा में मानसून की पहली बारिश ने ही चंबल नदी पर बने चारों डैम ओवरफ्लो कर दिए।

HighLights
- नागदा शहर में अब तक 12 इंच से अधिक यानी 300.2 एमएम बारिश दर्ज की गई
- चंबल में पानी आने से पेयजल और उद्योगों की समस्या खत्म हो गई है
- सुरक्षा के लिए प्रशासन ने मां चामुंडा मंदिर के सामने बैरिकेडिंग की गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, नागदा जंक्शन। मानसून की पहली बरसात में चंबल नदी के चारों डैम ओवरफ्लो हो गए। मंदिर में पानी पहुंचा, मां चामुंडा का किया जिलाभिषेक। अभी तक शहर में 12 इंच से भी अधिक बरसात होने से मौसम में ठंडक घुल गई। चंबल में पानी आने से एक वर्ष पेयजल व उद्योग संचालन की समस्या भी खत्म हो गई।
मानसून की पहली बरसात में कैचमेंट एरिया में हुई झमाझम बरसात से चंबल नदी पर बने चारों डैम ओवरफ्लो हो गए। मंगलवार रात्रि साढ़े तीन बजे अंतिम हनुमान डैम भी ओवरफ्लो हो गया। चामुंडा माता मंदिर तक पानी पहुंचा और मां चामुंडा का जलाभिषेक किया। चंबल में पानी आने से नदी देखने वालों का तांता लग गया।
होम गार्ड के तैराकों को तैनात किया गया
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने चामुंडा माता मंदिर के सामने लगने वाले प्रसादी के ठेलों को वहां से हटाकर छोटी पुलिया आने के पूर्व बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस जवान तैनात कर दिए। नदी में कोई दुर्घटना नहीं हो, इसको लेकर होम गार्ड के तैराकों को तैनात कर दिया। चंबल के दोनों तरफ हेलोजन लगाकर लाइट, आपदा प्रबंधन की व्यवस्था करने के निर्देश एसडीएम रंजना पाटीदार ने नपा को दिए।
मंगलवार को हुई झमाझम बरसात में चार इंच बरसात अभी तक 300.2 एमएम 12 इंच बरसात हुई है। पिछले वर्ष अभी तक 193 एमएम यानि पौने 8 इंच बरसात हुई थी। पिछले वर्ष की तुलना में 4 इंच बरसात अधिक हो गई है। बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे, बरसात नहीं हुई।