वर्षाकाल में भी जारी रहेगा शिप्रा को दूषित जल से बचाने की सबसे बड़ी इस योजना का काम


सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में शामिल 920 करोड़ रूपये की कान्ह डायवर्जन क्लोज डक्ट परियोजना का धरातल पर काम शुरू हुए दो साल बीत गए हैं। 65 प्रतिशत काम ह …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 21 Jun 2026 08:32:27 AM (IST)Updated Date: Sun, 21 Jun 2026 08:32:27 AM (IST)

कान्ह डायवर्जन क्लोज डक्ट परियोजना: वर्षाकाल में भी जारी रहेगा शिप्रा को दूषित जल से बचाने की सबसे बड़ी इस योजना का काम
कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट एवं अन्य। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. परियोजना 65 प्रतिशत काम हो चुका है और 35 प्रतिशत काम अब भी बाकी है
  2. नदी का प्रवाह जमीन के नीचे निर्मित क्लोज डक्ट और टनल से गुजरेगा, जबकि ऊपर कृषि गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकेंगी
  3. आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक पर आधारित यह देश की चुनिंदा परियोजनाओं में शामिल है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों में शामिल 920 करोड़ रूपये की कान्ह डायवर्जन क्लोज डक्ट परियोजना का धरातल पर काम शुरू हुए दो साल बीत गए हैं। 65 प्रतिशत काम हो चुका है और 35 प्रतिशत काम अब भी बाकी है।

परियोजना पूरी करने की डेडलाइन सितंबर- 2027 है। कहा गया है कि योजना पूरी होने के बाद कान्ह नदी का दूषित जल शिप्रा के घाटों तक पहुंचने से पहले ही डायवर्ट कर दिया जाएगा। परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि नदी का प्रवाह जमीन के नीचे निर्मित क्लोज डक्ट और टनल से गुजरेगा, जबकि ऊपर कृषि गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकेंगी। आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक पर आधारित यह देश की चुनिंदा परियोजनाओं में शामिल है।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य कान्ह नदी के प्रदूषित जल को उज्जैन शहर में शिप्रा नदी के प्रमुख घाटों और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने से रोकना है। इसके तहत जमालपुरा गांव में कान्ह नदी पर बैराज बनाया जा रहा है, जहां से जल को 30.15 किलोमीटर लंबे क्लोज डक्ट और टनल सिस्टम के माध्यम से गंभीर बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। परियोजना की कुल लंबाई 30.15 किलोमीटर है, जिसमें 18.15 किलोमीटर का कट एंड कवर डक्ट तथा 12 किलोमीटर लंबा टनल भाग शामिल है।

वर्तमान में बैराज का निर्माण कार्य जारी है, जबकि हेड रेगुलेटर का निर्माण पूरा हो चुका है। कट एंड कवर सेक्शन में 18.15 किलोमीटर में से 4.50 किलोमीटर लंबाई में प्री-कास्ट सेगमेंट बिछाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। वहीं 10.30 किलोमीटर लंबाई के लिए आवश्यक प्री-कास्ट सेगमेंट तैयार किए जा चुके हैं और शेष हिस्से में कार्य प्रगति पर है। शनिवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने परियोजना का निरीक्षण किया। दोनों नेता टनल भाग में उतरे और निर्माण कार्यों की प्रगति देखी। चिंतामन जवासिया क्षेत्र स्थित शाफ्ट नंबर-2 पर अधिकारियों ने उन्हें तकनीकी प्रस्तुतीकरण दिया। निरीक्षण के दौरान दोनों नेताओं ने कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए समयबद्ध रूप से परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।

टनल की चारों शाफ्टों का निर्माण पूरा

टनल निर्माण में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। परियोजना के चारों शाफ्टों का निर्माण पूरा हो चुका है। 12 किलोमीटर लंबी टनल में से 8.15 किलोमीटर हिस्से की खुदाई पूरी कर ली गई है, जबकि शेष भाग में कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण में अत्याधुनिक टनलिंग तकनीक और प्री-कास्ट संरचनाओं का उपयोग किया जा रहा है, जिससे गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित हो सके। विशेष बात यह है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मानसून के दौरान निर्माण कार्य पूरी तरह बंद नहीं होगा। परियोजना की डिजाइन और निर्माण पद्धति ऐसी है कि कई महत्वपूर्ण गतिविधियां वर्षा ऋतु में भी जारी रखी जा सकती हैं। इससे निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने में मदद मिलेगी।

अगले 25 वर्षों की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखकर तैयार की डिजाइन

परियोजना को अगले 25 वर्षों की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है तथा इसके पूरा होने के बाद 15 वर्षों तक संचालन और संधारण की व्यवस्था भी अनुबंध का हिस्सा होगी।

यह भी जानिए

कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना का भूमिपूजन 15 जून 2024 को मुख्यमंत्री ने उज्जैन में किया था। उस समय परियोजना की लागत 598.66 करोड़ रुपये बताई गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 919.94 करोड़ रुपये किया गया। इस परियोजना को सिंहस्थ-2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उपलब्ध प्रगति आंकड़ों के अनुसार टनल खुदाई, शाफ्ट निर्माण और प्री-कास्ट डक्ट कार्यों को मिलाकर परियोजना का लगभग 60-65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य प्रगति पर है।

शुद्ध होगा शिप्रा का जल, कान्ह नदी को 100 मीटर गहरी टनल के जरिए गंभीर में छोड़ने की परियोजना का 70% काम हुआ पूरा



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *