भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन अब बनेगी ‘ग्लोबल टेक्सटाइल हब’, चैंपियन डिस्ट्रिक्ट के रूप में हुआ चयन


केंद्र सरकार की ‘टेक्सटाइल्स फॉर ग्लोबल मार्केट’ पहल के तहत उज्जैन को ‘चैंपियन डिस्ट्रिक्ट’ के रूप में चयनित किया गया है। …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 13 May 2026 02:09:15 PM (IST)Updated Date: Wed, 13 May 2026 02:09:15 PM (IST)

भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन अब बनेगी ‘ग्लोबल टेक्सटाइल हब’, चैंपियन डिस्ट्रिक्ट के रूप में हुआ चयन
उज्जैन बनेगा ग्लोबल टेक्सटाइल हब। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. उज्जैन का ‘चैंपियन डिस्ट्रिक्ट’ के रूप में चयन
  2. वर्ष 2030 तक यहां से 5000 करोड़ के टेक्सटाइल निर्यात का लक्ष्य
  3. पिछले 11 महीनों में जिले से 2070 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन अब औद्योगिक और निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था के नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। केंद्र सरकार की ‘टेक्सटाइल्स फॉर ग्लोबल मार्केट’ पहल के तहत उज्जैन को ‘चैंपियन डिस्ट्रिक्ट’ के रूप में चयनित किया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2030 तक जिले से 5000 करोड़ रुपये के टेक्सटाइल निर्यात का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है।

मंगलवार को कलेक्टोरेट में आयोजित ‘डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट एक्शन प्लान’ की उच्च स्तरीय बैठक में इस विजन को जमीन पर उतारने की रणनीति पर मंथन हुआ। स्पष्ट किया कि उज्जैन का टेक्सटाइल सेक्टर अब केवल स्थानीय उद्योग नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से उभरती ताकत बन चुका है।

उज्जैन के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है

पिछले 11 महीनों में जिले से 2070 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें करीब 700 करोड़ रुपये का योगदान टेक्सटाइल सेक्टर का रहा। विस्कोस रेयान स्टेपल फाइबर, अंडरगारमेंट्स और काटन टी-शर्ट्स जैसे उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है। अमेरिका उज्जैन का सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है, जहां जिले के कुल निर्यात का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा भेजा जा रहा है।

तुर्की, चीन, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों में भी उज्जैन के उत्पादों की मजबूत उपस्थिति दर्ज हो रही है। अध्यक्षता एमपीआइडीसी के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने की। उद्योग प्रतिनिधियों ने उज्जैन में मल्टी-स्टोरी टेक्सटाइल पार्क विकसित करने का प्रस्ताव रखा, जहां उत्पादन, पैकेजिंग, डिजाइनिंग और सप्लाई चेन की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्पादन लागत घटेगी, निर्यात गुणवत्ता बेहतर होगी और छोटे उद्योगों को भी वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इस पूरी रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू महिला कार्यबल को केंद्र में रखना है।

टेक्सटाइल सेक्टर में महिलाएं बनेंगी ‘ब्रांड एंबेसडर’

टेक्सटाइल सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें ‘ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और उज्जैन का औद्योगिक विकास सामाजिक समावेशन का माडल भी बन सकेगा। प्रशासन अब स्थानीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेशन, गुणवत्ता मानकों और निर्यात प्रक्रियाओं से जोड़ने के लिए नियमित वर्कशाप और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। बाटिक प्रिंट से लेकर बड़े गारमेंट उद्योग समूहों की भागीदारी ने यह संकेत दे दिया है कि उज्जैन आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा टेक्सटाइल निर्यात केंद्र बन सकता है।

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