इस साल 5.5 करोड़ आस्थावानों ने नवाया शीश, 100 करोड़ रुपये से अधिक का आया दान
महाकाल मंदिर 2025 में भी आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहा। 1 जनवरी से अब तक 5.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। मंदिर को 100 करोड़ रुपये से अधिक दान और …और पढ़ें

HighLights
- 2025 में अब तक 5.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए
- मंदिर को 100 करोड़ रुपये से अधिक दान मिला
- 13 करोड़ रुपये का सोना-चांदी भेंट स्वरूप प्राप्त
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर साल 2025 में भी देश-विदेश के आस्थावानों का प्रमुख केंद्र रहा। 1 जनवरी 2025 से अब तक 5.5 करोड़ दर्शनार्थियों ने अवंतिकानाथ के दर्शन किए। इसी के साथ मंदिर में 100 करोड़ रुपये से अधिक का दान भी आया।
करीब 13 करोड़ रुपये का सोना-चांदी भी भेंट के रूप में प्राप्त हुआ है। कुल मिलाकर यह गत वर्ष की तुलना में अधिक है। बीते वर्ष 92 करोड़ रुपये दान के रूप में प्राप्त हुए थे। मंदिर प्रबंध समिति ने शुक्रवार सुबह ये आंकड़े जारी किए।
उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर में श्री महाकाल महालोक बनने और अक्टूबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसका लोकार्पण करने के बाद से ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ी है। पहले मंदिर में रोजाना 35 से 40 हजार श्रद्धालु आते थे।
श्री महाकाल महालोक के बाद संख्या 80 हजार से एक लाख प्रतिदिन पहुंच गई। पर्व त्योहार जैसे श्रावण सोमवार, महाशिवरात्रि आदि पर ये संख्या दो लाख के पार हो जाती है। अनुमान है कि आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी।
एक नजर इस साल के आंकड़ों पर
- 5.5 करोड़ दर्शनार्थियों ने किए महाकाल दर्शन
- 43 करोड़ रुपये विभिन्न दानपेटियों से भेंट के रूप में प्राप्त हुए
- 64 करोड़ रुपये शीघ्र दर्शन व्यवस्था (टिकट) से मंदिर समिति को प्राप्त हुए
- 13 करोड़ रुपये का सोना-चांदी भी भेंट स्वरूप मंदिर को मिला है