सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में अल्लाह वाले प्रश्न पर पेपर सेटर ब्लैकलिस्ट, बोनस अंक मिलेगा


सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकाम, बीबीए और बीसीए तृतीय वर्ष की फाउंडेशन परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न के बाद प्रशासन ने त्वरित और स …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 08 Apr 2026 10:17:52 PM (IST)Updated Date: Wed, 08 Apr 2026 10:17:52 PM (IST)

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में अल्लाह वाले प्रश्न पर पेपर सेटर ब्लैकलिस्ट, बोनस अंक मिलेगा
अल्लाह वाले प्रश्न पर पेपर सेटर ब्लैकलिस्ट, बोनस अंक मिलेगा

HighLights

  1. परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्थियों को प्रश्न के बदले मिलेगा एक बोनस अंक
  2. कुलसचिव ने शैक्षणिक लापरवाही पर जांच के बाद सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
  3. विवादित और पाठ्यक्रम से बाहर प्रश्न पूछने पर पेपर सेटर किया गया ब्लैकलिस्ट

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकाम, बीबीए और बीसीए तृतीय वर्ष की फाउंडेशन परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न के बाद प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित पेपर सेटर को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया है। साथ ही विद्यार्थियों को राहत देते हुए उक्त प्रश्न के एवज में एक बोनस अंक देने की घोषणा की गई है। दरअसल, सोमवार को आयोजित ‘भाषा एवं संस्कृति’ विषय के प्रश्नपत्र में एक बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल किया गया था, जिसमें ‘अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है’ जैसे कथन पर आधारित विकल्प दिए गए थे।

धार्मिक भावनाओं और पाठ्यक्रम का उल्लंघन

इस प्रश्न को पाठ्यक्रम से बाहर और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा बताते हुए विभिन्न संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। मामले के तूल पकड़ते ही विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और जांच समिति गठित की गई। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि विवादित प्रश्न अधिकृत पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं था, बल्कि पेपर सेटर द्वारा निजी स्तर पर जोड़ा गया था। इसे गंभीर शैक्षणिक लापरवाही और कदाचार मानते हुए कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने संबंधित पेपर सेटर को विश्वविद्यालय की सभी शैक्षणिक गतिविधियों से प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

विद्यार्थियों को मिलेगा बोनस अंक

छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया कि इस प्रश्न को मूल्यांकन से पूर्णतः निरस्त किया जाएगा और सभी परीक्षार्थियों को इसके बदले एक अतिरिक्त अंक प्रदान किया जाएगा, ताकि किसी के परिणाम पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक गरिमा और सामाजिक सद्भाव सर्वोपरि है। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनाया जाएगा।

यह भी पढ़ें- धार की ‘सोनम रघुवंशी’… प्रेमी संग रहने की चाह में पति की एक लाख रुपये की सुपारी देकर करवाई हत्या



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *