सबसे पहले महाकाल के आंगन में मनेगा वसंत उत्सव, भस्म आरती में केसरिया पंचामृत से होगा अभिषेक
उज्जैन के महाकाल मंदिर में शुक्रवार को वसंत पंचमी सबसे पहले मनाई जाएगी। तड़के भस्म आरती में केसरिया पंचामृत से अभिषेक, पीले फूल, गुलाल और विशेष भोग अर …और पढ़ें

HighLights
- भस्म आरती में केसरिया पंचामृत से अभिषेक होगा।
- भगवान को पीले फूल और वासंती पोशाक पहनाई जाएगी।
- संध्या आरती में 500 ग्राम गुलाल अर्पित होगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शुक्रवार को सबसे पहले वसंत पंचमी मनाई जाएगी। तड़के चार बजे भस्म आरती में वसंत उत्सव मनाया जाएगा। पुजारी भगवान महाकाल का केसरिया पंचामृत से अभिषेक करेंगे। उसके बाद पीले फूल अर्पित किए जाएंगे।
0केसरिया पीले पकवानों का भोग लगाकर आरती की जाएगी। शाम को संध्या आरती में भगवान को 500 ग्राम हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा। महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में ऋतु परिवर्तन का महापर्व वसंत पंचमी हर्षोल्लास से मनाया जाता है। प्रतिदिन होने वाली पांच आरती में परंपरा अनुसार वसंत के पीले फूल, वासंती गुलाल तथा केसरिया पीले पकवानों का भोग लगाया जाएगा। पीले फूलों से भगवान का अभिषेक होगा। भगवान को वासंती पोशाक धारण कराई जाएगी।
प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया संध्या आरती में भगवान को 500 ग्राम गुलाल, वसंत के पीले फूल तथा 250 ग्राम पीले पेड़े का भोग लगाया जाएगा। शहर के पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंदिरों में भी वसंत पंचमी से चालीस दिवसीय फाग महोत्सव की शुरुआत होगी।