उज्जैन में बोरवेल में गिरे तीन साले के बच्चे की मौत के मामले में खेत मालिक पर हो सकता है केस
झलारिया गांव के जिस खेत में खोदे गए बोरवेल में हादसा हुआ है उसकी मोटर खराब हो गई थी, जिसे खेत मालिक ने निकलवाया था। …और पढ़ें

HighLights
- बड़नगर थाना क्षेत्र के ग्राम झलारिया में हुआ हादसा, 24 घंटे चला रेस्क्यू
- खेत मालिक ने बोरवेल पर रखा था अस्थायी ढक्कन, भेड़ ने हटाया पत्थर
- बीएनएस की धारा 105 के तहत हो सकती है कार्रवाई, 7 साल की कैद संभव
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। बड़नगर थाना क्षेत्र के ग्राम झलारिया में गुरुवार को तीन साल का बालक खेत में बोरवेल में गिर गया था। उसकी मौत हो गई थी। अब पुलिस प्रशासन खेत मालिक के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। पुलिस का कहना है कि बालक के स्वजन के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि पाली राजस्थान से भेड़ लेकर कुछ लोग बड़नगर के झलारिया में आए हुए थे। शुक्रवार को डेरे के सदस्य झलारिया में भेड़ चरा रहे थे। उसी दौरान भागीरथ उम्र तीन वर्ष निवासी गुड़ानला जिला पाली राजस्थान पलदूना रोड स्थित खेत में खुले बोरवेल में गिर गया था। पुलिस व प्रशासन की टीम ने लगातार 24 घंटे रेस्क्यू किया था। हालांकि इसके बाद भी बालक की जान नहीं बच सकी थी। बोरवेल से बालक का शव निकाला गया था।
धारा 105 के तहत हो सकती है कार्रवाई
बताया जा रहा है कि गड़रियों का परिवार बीते 12 वर्षों से भेड़ चराने के लिए पाली राजस्थान से बड़नगर के झलारिया गांव में आते है। जिस खेत में खोदे गए बोरवेल में हादसा हुआ है उसकी मोटर खराब हो गई थी, जिसे खेत मालिक ने निकलवाया था। अस्थायी तौर पर ढक्कन रखकर उस पर पत्थर रख दिया था। भेड़ के कारण पत्थर गिर गया था। बच्चे ने ढक्कन हटा दिया था।
खेल-खेल में वह बोरवेल में गिर गया था। टीआई अशोक पाटीदार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल बालक के स्वजन काफी गमगीन है। उनके बयान दर्ज होने के बाद ही खेत मालिक के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यह गैर इरादतन हत्या की धारा है। इसके तहत सात साल की कैद व जुर्माना हो सकता है।