उज्जैन में फिर चाइना डोर से कटा युवक का गला, एक महीने में 6 लोग आ गए चपेट में
उज्जैन में चाइना डोर की चपेट में आने से फिर एक युवक का गला कट गया। गंभीर हालत में उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टर ने उसके गले में फंसे चाइना ड …और पढ़ें

HighLights
- जानलेवा मांझा : गले की नस कटने से बोल नहीं पा रहा युवक
- उसे तत्काल उपचार के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया
- डॉक्टर ने उसके गले से चाइना डोर का टुकड़ा निकाला
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। जयसिंहपुरा के समीप लालपुल पर रविवार को एक बाइक सवार युवक चाइना डोर की चपेट में आ गया। गले की नस कटने से उसे गंभीर हालत में चरक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घायल दोपहिया वाहन से गुजर रहा था। उसके गले में फंसे चाइना डोर के टुकड़े को डॉक्टर ने निकाला है। 12 टांके लगाए हैं।
विजय पुत्र घनश्याम तिवारी उम्र 20 वर्ष निवासी जीरापुर राजगढ़, हालमुकाम जयसिंहपुरा में किराए के मकान में रहता है। उज्जैन में वह पंडिताई का काम करता है। रविवार को वह बाइक से लालपुल के समीप से गुजर रहा था। उसी दौरान उसके गले में चाइना डोर फंस गई थी। विजय बाइक रोकता उससे पहले ही चाइना डोर ने उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इससे उसके गले की नस कट गई और खून बहने लगा था।
राहगीरों ने उसे तत्काल उपचार के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया। यहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टर ने उसके गले से चाइना डोर का टुकड़ा निकाला है। पुलिस का कहना है कि गले की नस के अंदर तक घाव हो गया है। इससे वह फिलहाल बोल भी नहीं पा रहा है।
31 दिसंबर को भी घायल हुआ था नाबालिग
- 31 दिसंबर को जयसिंहपुरा में ही प्रेम पुत्र तिलक कुलवाडिया उम्र 17 वर्ष निवासी राजीव रत्न कालोनी के गले में चाइना डोर फंसने से वह बुरी तरह घायल हो गया था। वह भी बोल नहीं पा रहा था। हालांकि अब उसकी हालत में सुधार है।
गला कटने से हो चुकी छात्रा की मौत
15 जनवरी 2022 को जीरो पाइंट पुल से दोपहिया वाहन से गुजर रही 11वीं कक्षा की छात्रा नेहा आंजना की चाइना डोर से गला कटने से मौत हो चुकी है।
पुलिस की सख्ती के बाद भी उपयोग जारी
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने चाइना डोर की बिक्री, उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। जिले की पुलिस भी लगातार चाइना डोर को लेकर सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस पतंग दुकानों की जांच के अलावा घरों की छतों पर जाकर पतंग उड़ा रहे बच्चों की डोर की जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस बच्चों को समझाइश भी दे रही है कि वह चाइना डोर का उपयोग ना करें, इससे लोगों की जान भी जा सकती है। मगर इसके बाद भी डोर का उपयोग नहीं रोका जा रहा है।