उज्जैन के दो भाईयों ने 50 लाख में खरीदा प्लेन, दिल्ली से यहां लाने में लगे 5 लाख रुपये; इसे बनाएंगे लग्जरी होटल
मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले दो भाइयों वीरेंद्र और पुष्पेंद्र कुशवाह ने 55 सीटर एरोप्लेन स्क्रैप में खरीदा है। 2009 तक इसे बीएसएफ द्वारा उपयोग किया जा रहा था। इसके बाद से यह दिल्ली एयरपोर्ट पर खड़ा था। प्लेन को दिल्ली से उज्जैन लाने में ही 5 लाख रुपये खर्च हो गए हैं। दोनों भाइयों का कहना है कि वे इसमें एक लग्जरी रूम वाला होटल बनाएंगे।
Publish Date: Mon, 27 Oct 2025 10:51:58 AM (IST)
Updated Date: Mon, 27 Oct 2025 11:05:40 AM (IST)

HighLights
- 2011 से रक्षा एजेंसियों से स्क्रेप यानी पुरानी चीजें खरीद रहे हैं।
- 2019 में नीलामी में 3.5 लाख रुपये में मिग-21 खरीदा था।
- करोंदिया गांव में बने फार्म हाउस पर रखा गया है प्लेन।
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन के दो भाईयों ने मिलकर एक 55 सीटों वाला असली हवाई जहाज (एरोप्लेन) स्क्रेप में खरीदा है। वे इसे अपने मक्सी रोड स्थित फार्म हाउस पर रखकर लग्जरी रूम वाले होटल में बदलेंगे। हवाई जहाज, दो बड़े ट्रकों के जरिये उज्जैन पहुंचाया गया है।
हवाई जहाज खरीदने वाले भाइयों के नाम वीरेन्द्र और पुष्पेन्द्र हैं। उन्होंने ‘नईदुनिया’ को बताया कि उनका स्क्रेप खरीदने का पुश्तैनी काम है। वे राजलक्ष्मी इंटरप्राइजेस और कुशवाह एंड संस कंपनी के जरिये 2011 से रक्षा एजेंसियों से स्क्रेप यानी पुरानी चीजें खरीद रहे हैं।
2019 में नीलामी में साढ़े तीन लाख रुपये में इंडियन एयरफोर्स से फाइटर जेट विमान मिग-21 खरीदा था, जिसे शर्त अनुसार डिस्मेंटल किया गया। अब नीलामी में बीएसएफ (बार्डर सिक्योरिटी फोर्स) से 40 लाख रुपये में 55 सीटर एवरो वीटी-ईएवी प्लेन खरीदा है। ये प्लेन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने खरीदकर एचसीएल को दिया था। फिर 1991 में बीएसएफ को उपयोगार्थ दिया था।

प्लेन में केवल ढांचा और काकपीट
बीएसएफ इसका उपयोग मेडिकल इमरजेंसी के समय भारतीय जवानों को लाने-लेजाने में किया करती थी। बीएसएफ ने 2009 तक इसका उपयोग किया, इसके बाद से इसे कबाड़ घोषित कर दिया गया। तब से ये दिल्ली एयरपोर्ट पर रखा हुआ था। उन्होंने बताया कि जो प्लेन खरीदा है उसमें इंजिन नहीं है। केवल ढांचा और काकपीट है।
प्लेन को मक्सी रोड स्थित करोंदिया गांव में बने अनंता विलेज फार्म स्टे पर रखा गया है। इसमें पर्यटकों के लिए लग्जरी आवासीय रूम बनाया जाएगा। प्लेन का वजन 20 टन, लंबाई 70 फीट है। दो विंग्स की लंबाई 50-50 फीट है। इसकी मुख्य बॉडी 70 फीट लंबे ट्राले पर और विंग्स यानी पंख 50 फीट लंबे ट्राले पर आए हैं। इसे दिल्ली से उज्जैन लाने का खर्च पांच लाख रुपये बैठा है।
लंदन से एमबीए कर संभाला पिता का बिजनेस
पुष्पेन्द्र, वीरेन्द्र के छोटे भाई है। पुष्पेन्द्र ने लंदन से एमबीए किया और 2014 में अपने घर लौट उन्होंने पिता का स्क्रेप बिजनेस संभाला। बताया कि बड़े भाई ग्रेजुएट हैं। वे उज्जैन में हवाई जहाज खरीदने को लेकर उत्साहित है और लोग भी इसका एक अलग रूप में आनंद ले पाए, इसके लिए योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि प्लेन को रिनोवेट करते समय पायलेट की चेयर भी रखी जाएगी ताकि जो लोग यहां रूकेंगे वो इस पर सेल्फी या फोटोग्राफ भी करा सकें। देशभर से उज्जैन आने वाले पर्यटकों के लिए ये एक नई सुविधा होगी।
उज्जैन में खुलना है एयरपोर्ट
उज्जैन में एयरपोर्ट खुलना है। देवास रोड स्थित दताना हवाई पट्टी क्षेत्र में 250 एकड़ जमीन को चिह्नित कर प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकताओं में उज्जैन एयरपोर्ट एक मुख्य योजना है। कहा गया है कि उज्जैन में एयरपोर्ट खुलता है तो उज्जैन तेजी से विकास करेगा। औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में इसकी बड़ी भूमिका होगी।