उज्‍जैन के छात्र का शव भारत लाने के लिए 35 लाख मांग रहा कनाडा, कार से कुचलकर की गई थी हत्या


उज्जैन की पार्श्वनाथ कालोनी निवासी छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा की कनाडा में हत्या के बाद अब उसका शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कनाडा सरकार करी …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 16 Mar 2026 10:37:50 PM (IST)Updated Date: Mon, 16 Mar 2026 10:50:00 PM (IST)

उज्‍जैन के छात्र का शव भारत लाने के लिए 35 लाख मांग रहा कनाडा, कार से कुचलकर की गई थी हत्या
कनाडा में उज्जैन के छात्र की कार से कुचलकर हत्या

HighLights

  1. कनाडा में ड्यूटी से लौट रहे उज्जैन के छात्र की विवाद के बाद हत्या
  2. आरोपितों ने कार से कुचला; शव भारत लाने की प्रक्रिया में आ रही बाधा
  3. कनाडा सरकार ने मांगे 35 लाख रुपये; परिजनों ने माँगी आर्थिक मदद

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन की पार्श्वनाथ कालोनी निवासी छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा की कनाडा में हत्या के बाद अब उसका शव भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कनाडा सरकार करीब 35 लाख रुपये मांग रही है, जबकि शव उज्जैन तक लाने में करीब दस लाख रुपये का खर्च आएगा। साथ ही करीब तीन सप्ताह का समय लग सकता है। स्वजन ने विदेश मंत्रालय व मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव से गुहार लगाई है। स्वजन के मुताबिक गुरकीरत सिंह सवा साल पूर्व उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गया था।

कार से कुचलकर की गई हत्या: ड्यूटी से लौटते समय हुआ विवाद

वह फोर्ड सेंटजान शहर के नार्दर्न लाइट्स कालेज में बिजनेस मैनेजमेंट पोस्ट-डिग्री डिप्लोमा कर रहा था। 14 मार्च की रात ड्यूटी से हास्टल लौट रहा था, तभी कुछ युवकों से कहासुनी हो गई। इस दौरान आरोपितों ने उसे कार से कुचल दिया। अस्पताल ले जाया गया, लेकिन मौत हो गई। गुरकीरत की हत्या से पूरा परिवार गमगीन है। स्वजन ने सांसद अनिल फिरोजिया के जरिये विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क कर इमरजेंसी वीजा मांगा है।

कनाडा में शव सौंपने की प्रक्रिया लंबी और जटिल

कनाडा में हत्या सहित अन्य गंभीर अपराध में शव सौंपने के नियम कड़े हैं। पुलिस की जांच प्रक्रिया जब तक पूरी नहीं हो जाती और आरोपित पकड़ नहीं लिए जाते तब तक शव नहीं सौंपा जाता। गुरकीरत के कुछ रिश्तेदार भी कनाडा में रहते हैं, जो कनाडा पुलिस के संपर्क में हैं।

शांत स्वभाव का था गुरकीरत: पढ़ाई के साथ कर रहा था जॉब

गुरकीरत काफी शांत स्वभाव का था। उसके पिता गुरजीत सिंह मनोचा फ्रोजन प्रोडक्ट्स का कारोबार करते हैं। बड़ा भाई प्रभकीरत रायपुर में स्टील प्लांट में जाब करता है। गुरजीत ने सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय से बिजनेस मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन करने के बाद पीजी के लिए कनाडा गया था। पढ़ाई के साथ वह वालमार्ट स्टोर में काम करता था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *