आज से उज्जैन में शिव नवरात्र उत्सव, दूल्हा बनेंगे महाकाल, सजीला रूप देख भक्त होंगे निहाल
Shivnavratri Festival: महाकाल मंदिर में 15 फरवरी को आ रही महाशिवरात्र से पहले शिव नवरात्र उत्सव आज से शुरू हो गया है। इस बार यह 9 की बजाए 10 दिनों का …और पढ़ें

HighLights
- अष्टमी तिथि की वृद्धि के कारण यह महापर्व इस बार 10 दिन का रहेगा
- फाल्गुन कृष्ण पंचमी से त्रयोदशी तक शिव नवरात्र उत्सव मनाया जाता है
- 15 फरवरी को महाशिवरात्र पर भगवान महाकाल की महापूजा होगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शुक्रवार से शिव नवरात्रि उत्सव की शुरुआत हो रही है। पुजारी भगवान महाकाल को केसर, चंदन तथा माता पार्वती को हल्दी लगाएंगे। दिनभर पूजा-अर्चना का विशेष अनुक्रम चलेगा। शाम को संध्या आरती में शृंगार किया जाएगा।
भगवान के दूल्हा स्वरूप में दर्शन कर भक्त निहाल होंगे। अष्टमी तिथि की वृद्धि के कारण यह महापर्व इस बार 10 दिन का रहेगा। सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने कहा कि महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा में फाल्गुन कृष्ण पंचमी से त्रयोदशी तक नौ दिन शिव नवरात्र उत्सव मनाया जाता है।
शुक्रवार सुबह श्री कोटेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना के साथ महापर्व की शुरुआत होगी। गर्भगृह में भगवान महाकाल की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। 11 ब्राह्मण रुद्रपाठ करेंगे। दोपहर एक बजे भोग आरती, तीन बजे संध्या पूजा होगी। शाम चार बजे नारदीय संकीर्तन से हरिकथा होगी।
आरती, पूजन का समय बदलेगा
शिव नवरात्र के दौरान सुबह 10.30 बजे होने वाली महाकाल की भोग आरती दोपहर एक बजे और संध्या पूजा शाम पांच बजे के बजाय दोपहर तीन बजे होगी। 15 फरवरी को महाशिवरात्र पर भगवान महाकाल की महापूजा होगी। 14 फरवरी की रात दो बजकर 30 मिनट पर मंदिर के पट खुलेंगे और 16 फरवरी को रात 11 बजे बंद होंगे। यानी 44 घंटे लगातार दर्शन पूजन का सिलसिला चलेगा।