अस्थि विसर्जन करने उज्जैन आ रही महिलाओं के साथ ट्रेन में छेड़छाड़ और मारपीट, स्टेशन के बाहर दो समुदायों के बीच झड़प
दाहोद से चार महिलाएं और पुरुष मेमू ट्रेन से अस्थि विसर्जन करने के लिए उज्जैन आ रहे थे। रतलाम में गोरू सहित 5-6 लोग ट्रेन में चढ़े। रतलाम-खाचरौद के बीच …और पढ़ें

HighLights
- अस्थि विसर्जन के लिए महिलाएं आ रही थी उज्जैन
- कुछ बदमाशों ने महिलाओं से ट्रेन में की छेड़छाड़
- स्टेशन पर विवाद बढ़ने पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन: अस्थि विसर्जन करने के लिए दाहोद से ट्रेन से उज्जैन आ रही महिलाओं के साथ रतलाम और खाचरौद के बीच में कुछ युवकों ने छेड़छाड़ की। इसे लेकर हुए विवाद में गोरू नामक युवक ने खाचरौद में बुरहान नामक युवक को फोन कर 30 से 40 युवकों को बुलाया।
ट्रेन रुकते ही सभी ने चार महिलाओं और पुरुषों के साथ मारपीट की और ट्रेन चलते ही उतरकर भाग गए। पीड़ितों ने तीन युवकों को पकड़ लिया और नागदा में जीआरपी पुलिस के हवाले किया। यहां विशेष वर्ग के और लोग आ गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दाहोद से चार महिलाएं और पुरुष सपना (पत्नी कमलेश निवासी अहमदाबाद), कल्पना (पत्नी राहुल निवासी दाहोद), शाहिशा बेन, उषा (पत्नी बाबूलाल गुजरात) मेमू ट्रेन से अस्थि विसर्जन करने के लिए उज्जैन आ रहे थे। रतलाम में गोरू सहित 5-6 लोग ट्रेन में चढ़े। रतलाम-खाचरौद के बीच गोरू और अन्य युवकों ने इन महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की।
30-40 युवकों ने ट्रेन में घुसकर की मारपीट
इस दौरान विवाद बढ़ने पर गोरू ने खाचरौद में बुरहान नामक युवक को फोन कर और 30-40 युवकों को ट्रेन में बुला लिया। इन युवकों ने ट्रेन में महिलाओं और उनके पति के साथ मारपीट की और खाचरौद में ही उतरकर भाग गए। तीन युवकों बुरहान, अमन पुत्र गफ्फार व एक अन्य को पीड़ितों ने पकड़ लिया।
नागदा में पीड़ित इन युवकों को जीआरपी पुलिस थाने ले गए। वहीं नागदा में विशेष वर्ग के आटो चालक भी जीआरपी पुलिस थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने चार आटो वालों को थाने में बैठाया। इसी के साथ लगभग 200-300 विशेष वर्ग के लोग भी रेलवे स्टेशन परिसर में एकत्रित हो गए।
हिंदूवादी संगठनों और मुस्लिम युवक में नोकझोंक
हिंदूवादी संगठनों को सूचना मिलने पर वे भी बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। यहां अमजद लाला नामक युवक की हिंदू संगठन के लोगों से नोकझोक हुई। चूंकि सभी पीड़ित वाल्मीकि समाज के थे, इसलिए बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज और हिंदू संगठन के लोग भी एकत्रित हो गए। आसपास के थाने की पुलिस भी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गईं।
पुलिस को करना पड़ा लाठी चार्ज
पुलिस जब महिलाओं को मेडिकल जांच के लिए ले जा रही थी, तब भी विशेष वर्ग के लोग महिलाओं के साथ मारपीट के लिए बढ़ने लगे। इसे देखते हुए पुलिस ने महिलाओं को फिर थाने में अपनी सुरक्षा में रख लिया। विशेष वर्ग के उपद्रव को देखते हुए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद भीड़ नियंत्रित हुईं।