‘जो इल्जाम बाकी रह जाए, मेरे कफन पर लिख देना’, स्टेटस लगाकर युवक ने खुद को मारी गोली, क्षेत्र में मचा हड़कंप
उज्जैन में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उसने मरने से पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट प …और पढ़ें

HighLights
- उज्जैन में एक युवक ने खुद को गोली मार ली
- खुद को गोली मारने से पहले उसने लगाया स्टेटस
- इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। नीलगंगा थाना क्षेत्र की बंगाली कॉलोनी में शनिवार देर शाम को एक युवक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक बैतूल जिले के सारणी का रहने वाला था। उसकी प्रेमिका बंगाली कॉलोनी में अपनी बहन के यहां रह रही थी, जिससे मिलने के लिए वह आया था। प्रेमिका उससे बात नहीं कर रही थी, जिसके कारण उसने आत्मघाती कदम उठाया था।
मरने के एक दिन पूर्व उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो स्टेटस लगाए थे, जिसमें उसने लिखा था कि जो इल्जाम बाकी रह जाए, मेरे कफन पर लिख देना और कल मेरा खेल खत्म।
युवक एक माह से स्वजन के संपर्क में नहीं था। वह 350 किलोमीटर दोपहिया वाहन चलाकर उज्जैन आया था। पुलिस ने बताया कि शनिवार शाम को बंगाली कॉलोनी निवासी विनय गायनी के घर पर बैतूल के सारणी निवासी निखिल आहके ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक की प्रेमिका उससे बात नहीं कर रही थी। वह कुछ दिनों से अपनी बहन व जीजा विनय के यहां बंगाली कॉलोनी में रह रही थी। निखिल की आत्महत्या से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। मृतक निखिल आहके अपनी स्कूटी क्रमांक 48 जेडसी 8592 से 350 किलोमीटर दूर उज्जैन पहुंचा था।
बात नहीं की तो कमरे में बंद कर खुद को मारी गोली
विनय की पत्नी ने पुलिस को बताया कि जिस वक्त निखिल घर में आया था उस समय उनके पति विनय घर पर नहीं थे। घर के अंदर आने के बाद निखिल ने उसकी छोटी बहन से बात करने की कोशिश की। जब उसने बात करने से मना कर दिया और निखिल को जाने का कहा तो निखिल विवाद करने लगा। निखिल ने आक्रोश में आकर दोनों बहनों को एक कमरे में बंद किया और खुद के सीने पर गोली मार ली थी। गोली की आवाज सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने कमरा खोलकर बहनों को बाहर निकाला। मृतक पिस्टल साथ लेकर आया था।
पुलिस ने मौके से एक देशी पिस्टल और युवक की एक्टिवा जब्त की है। जांच में सामने आया है कि निखिल और युवती के बीच पिछले डेढ़ साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। कुछ समय पहले दोनों के बीच अनबन हुई, जिसके बाद युवती ने निखिल का नंबर ब्लॉक कर दिया था। बातचीत बंद होने से परेशान निखिल उसे ढूंढते हुए उज्जैन आ गया था। युवती तीन दिन पहले ही अपने जीजा-बहन के घर रहने आई थी।
चाचा बोले 4 फरवरी से गायब था निखिल
मृतक निखिल के चाचा महेश और बहन ज्योति रविवार की सुबह रिश्तेदारों के साथ उज्जैन पहुंचे थे। पोस्टमार्टम के बाद निखिल का शव उन्हें सौंप दिया गया। स्वजन ने निखिल के प्रेम प्रसंग की जानकारी से इंकार कर दिया। चाचा महेश ने बताया कि निखिल के पिता राजेश का करीब डेढ वर्ष पूर्व निधन हो गया था। परिवार में मां, दादी व बहन है। बहन ज्योति भोपाल में रहकर पढ़ाई करती है। निखिल कुछ दिनों से घर वालों से नाराज था।
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वह चार फरवरी से सारणी में नहीं था। स्वजन के नंबर भी ब्लॉक कर दिए थे, इस कारण कोई संपर्क भी नहीं कर पा रहा था। हालांकि यह पता चला है कि मृतक निखिल औद्योगिक प्लांट की मशीनरी का काम करता था। वह महाराष्ट्र के अमरावती गया था। जहां से लौटने पर पता चला कि युवती उज्जैन आई तो वो एक्टिवा से ही उज्जैन के लिए निकल गया।