एलिवेटेड नहीं जमीनी स्तर पर बनेगा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन, नहीं बढ़ाई जाएगी सड़क की ऊंचाई, 28 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहीत
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन एलिवेटेड नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बनेगा। यानी रोड़ की ऊंचाई नहीं बढ़ाई जाएगी। इस सड़क प्रोजेक्ट के लिए उज्जैन और इंदौर जिले के 28 गांवों में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल में प्रभावित किसानों से चर्चा के दौरान कही। किसानों ने इस दौरान उन्हें मांग पत्र भी सौंपा।
फोरलेन निर्माण में किसान हित सर्वोपरि
किसानों का कहना है कि सड़क की ऊंचाई अधिक न रखें। इससे किसानों का सड़क मार्ग से संपर्क टूट जाएगा।प्रभावित किसानों ने उचित मुआवजे की भी मांग रखी। इस पर सीएम ने कहा कि फोरलेन निर्माण में किसान हित सर्वोपरि है। इसके लिए किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार माना।
ये है पूरी परियोजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के माध्यम से 2935.15 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है। इसमें दो जिलों के 28 ग्रामों से होते हुए फोरलेन मार्ग निर्मित किया जाएगा।
इंदौर-उज्जैन के मध्य दो स्थानों (वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन-बदनावर मार्ग क्रॉसिंग) पर वृहद जंक्शन का प्रविधान है। परिवहन तेज और सुरक्षित रहे इसके लिए प्रत्येक टोल प्लाजा पर आवश्यक प्रबंध भी होंगे।
उज्जैन से इंदौर की 30 मिनट में तय होने का दावा
परियोजना पूरी होने के बाद उज्जैन से इंदौर की दूरी मात्र 30 मिनट में तय होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन किसान विकास के नाम पर अपनी उपजाऊ जमीन और आजीविका से समझौते को तैयार नहीं हैं।
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सड़क के साथ सर्विस रोड भी बनेगी
उक्त सड़क चार लेन बनाई जाएगी, जो 60 मीटर चौड़ी होगी। दोनों ओर सर्विस रोड का भी प्रविधान है। दो फ्लाईओवर, 34 अंडरपास, एक रेलवे ओवरब्रिज बनेगा। सड़क हेतु 2935 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह 28 गांवों से गुजरेगी, इसमें इंदौर के 20 और उज्जैन के आठ गांव शामिल हैं।