उज्जैन पुलिस ने इंदौर के फर्जी शेयर ट्रेडिंग कॉल सेंटर से पकड़े आरोपियों को नोटिस पर छोड़ा
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसे शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। जीवाजीगंज पुलिस ने शुक्रवार को इंदौर में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह पर कार्रवाई की थी। पुलिस ने इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में फर्जी ब्रोकरेज कंपनी के कार्यालय पर दबिश देकर मुख्य संचालक सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपितों को शनिवार को नोटिस पर छोड़ दिया गया है। हालांकि मामले की जांच की जा रही है।
बता दें कि सूरज राठौर निवासी राधामोहन की गली अंकपात मार्ग ने 25 मार्च को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसे शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर 70 हजार रुपये की ठगी की गई है। जीवाजीगंज पुलिस ने मामले की जांच की थी।
आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया
तकनीकी एवं मैनुअल जांच में मोबाइल नंबर, बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजेक्शन एवं डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर शिकायत सही पाए जाने पर धारा 319(2), 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं 66-डी आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने सौरभ यादव निवासी न्यू गौरी नगर मिलन होटल के पास थाना हीरानगर इंदौर को गिरफ्तार किया था।
सौरभ से मिली सूचना के आधार पर जीवाजीगंज पुलिस ने इंदौर के विजय नगर क्षेत्र के आर्बिट आल के पीछे पीयू-4 क्षेत्र स्थित प्लाट नंबर 230 की एक मल्टी के तृतीय तल पर ऐलिस ब्लू ब्रोकरेज फर्म के नाम से संचालित फर्जी कार्यालय पर दबिश देकर अरुण लोधी निवासी ग्राम मामोनीखुर्द तहसील करेरा जिला शिवपुरी हाल मुकाम स्मार्ट लिविंग पेरीडाट देवास नाका जिला इंदौर व उसके सहयोगी नीरज निवासी ग्राम मामोनीखुर्द तहसील करेरा जिला शिवपुरी, राहुल पाटीदार निवासी ग्राम कालूखेड़ा तहसील सारंगपुर जिला राजगढ़ हालमुकाम स्कीम नंबर 78 इंदौर को गिरफ्तार किया था।
दर्ज मामलों में सात साल से कम की सजा
पुलिस ने कार्यालय से छह बेनामी सिम कार्ड, स्टेट बैंक एवं जना बैंक के तीन बेनामी डेबिट कार्ड, 15 कम्प्यूटर यूनिट, 19 मॉनिटर, मोबाइल फोन, राउटर, कीबोर्ड, माउस के अलावा कई लोगों के डिमेट खाते की जानकारी, मोबाइल व बैंक विवरण मिला था। शनिवार को पुलिस ने सभी आरोपियों को नोटिस पर छोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों में सात साल से कम की सजा है।