74 के पास नियमानुसार पंजीयन नहीं मिला। मात्र 45 संचालकों के पास ही पंजीयन पाया गया। उज्जैन के लक्ष्मी नगर व महिदपुर में दो अस्पतालों को सील किया गया ह …और पढ़ें

HighLights
- उज्जैन व महिदपुर में दो अस्पतालों को किया सील
- 10 से लेकर 16 मई तक जांच दल द्वारा निरीक्षण किया गया
- अवैध अस्पतालों एवं क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। जिले में बीते छह दिनों से अपंजीकृत अस्पतालों व क्लीनिकों की जांच का अभियान चलाया गया था। इनमें से 74 के पास नियमानुसार पंजीयन नहीं मिला है। मात्र 45 संचालकों के पास ही पंजीयन पाया गया है। उज्जैन के लक्ष्मी नगर व महिदपुर में दो अस्पतालों को सील किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि जिले में अवैध रूप से संचालित क्लीनिक, अस्पताल एवं स्वास्थ्य संस्थानों की जांच की जा रही है। इसके लिए गठित विशेष जांच दल द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण किया गया है। 10 से लेकर 16 मई तक जांच दल द्वारा निरीक्षण किया गया था।
शहरी क्षेत्र 68 स्थानों पर जांच की गई
डा. पटेल ने बताया कि शहरी क्षेत्र 68 स्थानों पर जांच की गई थी। जिसमें 29 पंजीयन पाए गए एवं 39 अपंजीकृत मिले हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में 51 स्थान पर जांच की गई, जिसमे 16 पंजीकृत एवं अपंजीकृत 35 पाए गए हैं। डा. पटेल के अनुसार जिले में मात्र 87 अस्पताल व क्लीनिकों के ही पंजीयन हैं। जांच दल द्वारा शहरी क्षेत्र के लक्ष्मी नगर में स्थित आदिनाथ क्लीनिक एवं महिदपुर में शिफा क्लीनिक का पंजीयन नहीं मिलने व अधिकारियों के निर्देश के बाद भी एलोपैथी उपचार किया जा रहा था। दोनों क्लीनिकों को सील किया गया है।
अपंजीकृत क्लीनिकों व अस्पतालों को दिए नोटिस
निरीक्षण के दौरान 74 स्वास्थ्य संस्थान बिना वैध पंजीयन, आवश्यक अनुमति एवं निर्धारित मापदंडों के विपरीत संचालित पाए गए। ऐसे संस्थानों द्वारा मध्यप्रदेश उपचर्या गृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973 के प्रावधानों का उल्लंघन किया जाना पाया गया। डॉ. पटेल द्वारा बताया गया कि चिन्हित अवैध अस्पतालों एवं क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी जवाब तलब किया गया है। डॉ. पटेल ने बताया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।