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25 गायों की डेयरी खोलने के लिए 10 लाख रुपये तक की मदद देगी एमपी सरकार, सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा


नईदुनिया प्रतिनिधि, नागदा जंक्शन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नागदा में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि 25 गायों की डेयरी स्थापित करने वाले हितग्राहियों को 40 लाख रुपये की परियोजना लागत पर 10 लाख तक की सहायता राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में प्राकृतिक खेती के साथ गोपालन करने वाले को हर महीने 1100 रुपये सरकार द्वारा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन के लक्ष्य को बढ़ाने के लिए सरकार डेयरी सेक्टर की मदद कर रही है।

प्राचीन डेलनपुर हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत के साथ यहां पहुंचे। नवनिर्मित मंदिर में श्रीराम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में फर्श, पेयजल टंकी और बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को विकसित कर प्रमुख तीर्थों का स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि चित्रकूट परमधाम के विकास के लिए 2 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही उज्जैन, इंदौर और आसपास के जिलों में विकास परियोजनाओं को गति दी जा रही है।

डेलनपुर हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। जावरा-उज्जैन फोरलेन का कार्य प्रारंभ हो चुका है। सिंहस्थ के पूर्व पूरा किया जाएगा।

40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना

लाड़ली बहनाओ का जो पैसा रुका है, उसे जल्द ही दिया जाएगा। विश्व का सबसे बड़ा सिंहस्थ मेला उज्जैन में लगेगा। इसमें 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए उज्जैन व उसके आसपास क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में टंकी का निर्माण, बाउंड्रीवाल, फर्श बनाने की घोषणा की। कर्नाटक के राज्यपाल डा. थावरचंद गेहलोत ने कहा कि डेलनपुर प्राचीन मंदिर है।

श्रद्धा से जो भक्त यहां आता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि समर्थन मूल्य में सरकार द्वारा किसानों से गेहूं खरीदी की गई है। उनका जो रूका पैसा है, वह जल्द किसानों के खाते में डाला जाएगा। पट्टे के मकानों की रजिस्ट्रियां सरकार करके देगी। कोटा-मेमू ट्रेन का स्टापेज रोहलखुर्द में किया गया है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।

उज्जैन के झारड़ा में सामाकोटा बैराज का लोकार्पण, 11,000 किसान परिवारों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को महिदपुर क्षेत्र में 188.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सामाकोटा बैराज परियोजना का लोकार्पण किया और विभिन्न विभागों के 19 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों को जनता को समर्पित किया। इसके बाद वे डेलनपुर स्थित बालाजी धाम पहुंचे, जहां श्रीराम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अगले पांच वर्षों में मध्य प्रदेश का सिंचित रकबा 65 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

18 गांवों को मिलेगी सिंचाई की सुविधा

छोटी कालीसिंध नदी पर निर्मित सामाकोटा बैराज परियोजना झारड़ा तहसील के किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। 17.57 मिलियन घन मीटर जल संग्रहण क्षमता वाले इस बैराज से पाइपलाइन आधारित सूक्ष्म दाब सिंचाई व्यवस्था के माध्यम से 18 गांवों की 7236 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

इससे 11 हजार से अधिक किसान परिवार सीधे लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परियोजनाएं जल संरक्षण के साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी।

सामाकोटा बैराज के लोकार्पण के साथ मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के 19 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का भी उद्घाटन किया। इनमें उच्च शिक्षा विभाग का नवीन महाविद्यालय भवन, लोक शिक्षण विभाग के तीन स्कूल भवन, मोचीखेड़ा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र तथा झारड़ा क्षेत्र के 13 नवीन उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।

दौरे के दूसरे चरण में मुख्यमंत्री कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के साथ डेलनपुर स्थित प्राचीन बालाजी धाम पहुंचे। यहां उन्होंने श्रीराम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा में भाग लिया तथा मंदिर परिसर में फर्श, पेयजल टंकी और बाउंड्रीवाल के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने डोंगला से होकर गुजरने वाले नए फोरलेन मार्ग के निर्माण की घोषणा भी की।

क्या है सामाकोटा बैराज

सामाकोटा बैराज दरअसल छोटी कालीसिंध नदी पर बनाया गया एक जल अवरोधक है, जिसका उद्देश्य नदी के पानी को रोककर उसका संग्रह करना और पाइपलाइन के माध्यम से किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंचाना है।

भगवान राम और कृष्ण से जुड़ें स्थलों को तीर्थों का रूप दिया जाएगा

भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े प्रदेश के सभी स्थलों को विकसित कर प्रमुख तीर्थों का स्वरूप दिया जाएगा। – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री



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