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10 के नोटों के नंबर को 500 रुपये के नकली नोटों पर छापा, फिर इसी से खरीदने वाले थे ड्रग्स


नकली नोट छापने वाले आरोपी इनके जरिए बड़ी मात्रा में ड्रग्स खरीदने की तैयारी कर रहे थे। इसका कारण बदमाशों ने बताया कि ड्रग्स सप्लायर मौके पर नोट नहीं गिनते हैं। बदमाशों का प्लान था कि एक बार में ही वह बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ खरीद लेते। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स तस्करों की भी जानकारियां जुटाई जा रही है।

Publish Date: Sun, 07 Dec 2025 10:25:10 AM (IST)

Updated Date: Sun, 07 Dec 2025 10:36:45 AM (IST)

उज्जैन-इंदौर में नकली नोट छापकर खपाने वाले बड़े रैकेट का हुआ खुलासा। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. उज्जैन में हीरामिल की चाल निवासी एक और बदमाश का नाम सामने आया है
  2. नोट पर प्रिंट नंबरों को लेकर देवास बैंक नोट प्रेस से भी जानकारी निकाली जा रही है
  3. पुलिस नोट खपाने वाले सोनू के साथ ही इंदौर निवासी राजेश की भी तलाश में जुटी है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन की चिमनगंज पुलिस ने नकली नोट छापने व बाजार में चलाने वाले रैकेट के दो आरोपितों से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारियां मिल रही है। पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि वह नकली नोटों से ड्रग्स की खरीदी करना चाहते थे। हीरामिल की चाल निवासी एक युवक को भी लाखों रुपये के नकली नोट खपाने के लिए दिए थे। पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है। वहीं इंदौर निवासी फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी जा रही है।

बता दें कि चिमनगंज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पांड्याखेडी ब्रिज के नीचे से दो लोगों को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास से पुलिस को साढ़े 17 लाख रुपये के पांच-पांच सौ रुपये के नकली नोट बरामद किए थे। दोनों आरोपितों ने अपने नाम हिमांशु उर्फ चीनू पुत्र राजेश गोसर उम्र 26 साल निवासी शिव मंदिर के सामने गउघाट रेलवे कॉलोनी, दीपेश पुत्र अनोखीलाल चौहान उम्र 22 साल निवासी शिवगंगा सिटी हाटकेश्वर कालोनी के पीछे बताए थे।

बरामद नोट में नकली सुरक्षा फीचर, धागे, माइक्रो प्रिंट एवं ग्रीन इंक सिक्योरिटी

आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि वह इंदौर में अरविंदो मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित श्री गंगा विहार कालोनी के एक फ्लैट में अपने साथी राजेश पुत्र टेकचंद बरबटे के साथ मिलकर नकली नोटों की छपाई करते थे।

आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने इंदौर में श्री गंगा विहार कॉलोनी के फ्लैट पर दबिश दी थी। जहां से नोट प्रिंटिंग मशीन, हाई सिक्योरिटी प्रिंट पेपर, प्रिंटिंग केमिकल, सुरक्षा धागा, कटर मशीन व प्रिंटेड एवं अपूर्ण कच्ची नकली नोट शीटें बरामद की है। पुलिस फरार आरोपित राजेश बरबटे की तलाश में जुटी है।

मादक पदार्थ खरीदने की कर रहे थे तैयारी

पुलिस को जांच में पता चला है कि आरोपित नकली नोटों के माध्यम से बड़ी मात्रा में ड्रग्स खरीदने की तैयारी कर रहे थे। इसका कारण बदमाशों ने बताया कि ड्रग्स सप्लायर मौके पर नोट नहीं गिनते हैं। बदमाशों का प्लान था कि एक बार में ही वह बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ खरीद लेते। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स तस्करों की भी जानकारियां जुटाई जा रही है।

10 रुपये के नोटों के नंबर छापे नकली नोट पर

जांच में पता चला है कि बदमाशों ने 10 रुपये के नोटों के नंबरों को पांच-पांच सौ रुपये के नकली नोटों पर छाप दिया था। पुलिस का कहना है कि नोटों के बारे में देवास बैंक नोट प्रेस से भी जानकारी निकाली जा रही है कि नकली नोटों पर छपे नंबर किन नोटों के हैं।

यह भी पढ़ें : उज्जैन में जाली नोट रैकेट का पर्दाफाश; 19 लाख रुपये नोट मिले

हीरामिल की चाल का युवक खपाता था नकली नोट

नकली नोट छापने वाले बदमाशों ने बताया कि हीरामिल की चाल में रहने वाले बदमाश सोनू नकली नोटों को खपाता था। पुलिस सोनू के साथ ही इंदौर निवासी राजेश की भी तलाश में जुटी है।



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