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सिंहस्थ 2028 के लिए मजबूत होगा ‘सुरक्षा चक्र’, 4500 RPF जवान तैनात होंगे, ड्रोन और 320 CCTV से रखी जाएगी नजर


Simhastha 2028: सिंहस्थ 2028 में उज्जैन में करोड़ों यात्रियों के आने की संभावना हैं। इसको लेकर आरपीएफ ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिंहस्थ में उज्जैन सहित आसपास के स्टेशनों पर साढ़े चार हजार जवान तैनात रहेंगे। खास बात यह है कि इन जवानों को अपने हाथों में डंडा भी रखने की अनुमति नहीं होगी। इन्हें विनम्रता से यात्रियों के साथ पेश आना होगा।

Publish Date: Sun, 07 Dec 2025 10:39:59 PM (IST)

Updated Date: Sun, 07 Dec 2025 10:39:59 PM (IST)

सिंहस्थ 2028 के लिए मजबूत होगा ‘सुरक्षा चक्र’।

HighLights

  1. सिंहस्थ 2028 में उज्जैन में करोड़ों यात्रियों के आने की संभावना
  2. साढ़े 4 हजार RPF जवान संभालेंगे करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़
  3. जवानों के हाथों नहीं होगा डंडा, सभी विनम्रता से आएंगे पेश

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ 2028 में उज्जैन में करोड़ों यात्रियों के आने की संभावना हैं। इसको लेकर आरपीएफ ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिंहस्थ में उज्जैन सहित आसपास के स्टेशनों पर साढ़े चार हजार जवान तैनात रहेंगे। खास बात यह है कि इन जवानों को अपने हाथों में डंडा भी रखने की अनुमति नहीं होगी। इन्हें विनम्रता से यात्रियों के साथ पेश आना होगा। इसके अलावा आरपीएफ की सबसे ट्रैंड कोरस कमांडों की बटालियन की तैनाती के साथ ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जाएगी। सिंहस्थ 2028 को लेकर आरपीएफ ने अपनी तैयारियां शुरू की है।

उज्जैन स्टेशन के अलावा चिंतामन, फतेहाबाद, मोहनपुरा, नईखेड़ी, पंवासा, पिंग्लेश्वर, विक्रम नगर स्टेशनों पर फोकस किया जा रहा है। इसमें खासतौर पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए 4500 से अधिक जवानों को तैनात किया जाना है। इस संबंध में मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। जहां से अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है।

पहली बार ऐसा होगा

आरपीएफ टीआइ नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सिंहस्थ 2028 में तैनात होने वाले आरपीएफ जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। जवानों को यात्रियों से विनम्रता से व्यवहार करने को कहा जाएगा। खासतौर पर इन जवानों को अपने हाथों में डंडा भी रखने की अनुमति नहीं होगी। भीड़ अधिक होने पर किसी प्रकार की कोई विवाद की स्थिति होने पर बल का प्रयोग नहीं किया जाएगा। ऐसा पहली बार होगा।

कोरस कमांडो की बटालियन होगी तैनात

सिंहस्थ के दौरान किसी भी आंतकी घटना से निपटने के लिए रेलवे स्टेशन पर कोरस कमांडो की बटालियन तैनात होगी। इसमें 110 कमांडो रहेंगे। कोसर कमांडो भारतीय रेलवे की एक विशेष कमांडो बटालियन है, जिसका पूरा नाम कमांडो फार रेलवे सेफ्टी है। इसका गठन 14 अगस्त 2019 को किया गया था। यह रेलवे और यात्रियों को आंतकवाद, नक्सलवाद और प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए बनाया गया है। इन्हें आधुनिक हथियारों के साथ ही विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाता है। यह किसी भी आपात स्थिति से निपट सकते हैं।

स्टेशन पर 200 कैमरे और लगेंगे

टीआइ यादव के अनुसार रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में 120 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। आरपीएफ कंट्रोल रूम से स्टेशन पर नजर रखी जाती है। सिंहस्थ के मद्देनजर रेलवे स्टेशन के सभी प्रवेश द्वार के साथ ही परिसर व होल्डिंग एरिया के लिए 200 से ज्यादा नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे है। जिसके माध्यम से संदिग्धों पर नजर रखी जा सकेगी। दो ड्रोन कैमरे भी होंगे तैनात सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन के लिए ड्रोन कैमरों की भी मदद ली जाएगी। दो ड्रोन कैमरे लगातार स्टेशन व आसपास के क्षेत्र में भीड़ पर नजर रखेंगे। जिसकी मदद से स्टेशन परिसर में भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा।

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डॉग स्क्वॉड की आठ टीमें आएगी

उज्जैन स्टेशन के अलावा चिंतामन, फतेहाबाद, मोहनपुरा, नईखेड़ी, पंवासा, पिंग्लेश्वर, विक्रम नगर स्टेशनों पर दो-दो डॉग स्क्वॉड व बम डिस्पोजल स्क्वॉड की तैनाती की जाएगी। लगातार यह टीमें स्टेशनों पर संदिग्धों व सामानों की जांच करेगी। इस संबंध भी प्रस्ताव भेजा गया है।



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