अब किसान सरकारी बीज संस्था तथा बीज कंपनियों के भरोसे ही सोयाबीन की बोवनी कर पाएगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जिले में बीज की किल्लत नहीं है। …और पढ़ें

HighLights
- प्रदेश के बाहर से हो रही आपूर्ति, जिले में बीज निगम पर लगे ताले
- अधिकारियों का कहना है कि जिले में बीज की किल्लत नहीं है
- बाजार में अप्रमाणिक बीज धड़ल्ले से बिक रहा है
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। गत वर्ष सोयाबीन के चमकते भाव को लेकर किसानों में खुशी थी। मगर अब अगली फसल के लिए सोयाबीन के बीज की किल्लत को लेकर किसान खासे परेशान हैं। बाजार में अप्रमाणिक बीज धड़ल्ले से बिक रहा है। प्रमाणिक बीज के भाव 11000 रुपये क्विंटल तक पहुंच गए हैं।
इस दौरान जिले के बीज निगम पर भी ताले लग गए हैं। अब तक किसानों के लिए बीज निगम का प्रमाणिक बीज बहुत बड़ा सहारा बन जाया करता था। अब किसान सरकारी बीज संस्था तथा बीज कंपनियों के भरोसे ही सोयाबीन की बोवनी कर पाएगा। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जिले में बीज की किल्लत नहीं है।
जिले में करीब 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बोवनी की जाती है। कृषि विभाग के अनुसार बोवनी के लिए करीब 40 हजार टन बीज की जरूरत होती है। इसमें 20 से 25 फीसद बीज किसान आपस में ले-दे लेते हैं। बावजूद किसानों को 30 हजार टन सोयाबीन बीज को खरीदना पड़ता है। 15 जून से बरसात की अनुकूलता बनने पर बीज की जरूरत पड़ने लग जाएगी। लेकिन बाजार में अभी से सोयाबीन के बीज की कमी महसूस की जा रही है। सोयाबीन की कंपनियां तथा व्यापारी महाराष्ट्र लाइनों से बीज की व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं। आकड़ों की बात करें तो कृषि विभाग के पास मात्र 72 हजार क्विंटल सोयाबीन का बीज उपलब्ध है। इसके भाव 7200 रु. क्विंटल निर्धारित है। हालांकि वैरायटी के अनुसार भाव कम ज्यादा हो सकते हैं।
जरूरत और उपलब्धता के बीच अंतर
किसानों को 3 लाख क्विंटल सोयाबीन बीज की जरूरत है। सरकार के पास मात्र 20 फीसद है। सरकारी बीज की सोसाइटियों पर भी बीज की काफी कमी है। बीज कंपनियां अभी बाहर से सोयाबीन का बीज मंगा कर आपूर्ति कर रही है। नतीजा किसानों को इस बार सोयाबीन की बोवनी काफी महंगी पड़ रही है।
कृषि मंडी नीलामी में सोयाबीन का बीज 9000 से 10000 रुपये क्विंटल बिकने लगा है। सोयाबीन बीज की कमी का फायदा व्यापारी वर्ग भी उठा रहा है। अनेक कारोबारी मंडी से सोयाबीन का बीज खरीद कर किसानों को बेच रहे हैं। बिक्री के साथ न तो प्रमाणिक बीज का प्रमाण पत्र न ही बिल होता है। ऐसे में कृषि विभाग भी जांच के दौरान असहाय की स्थिति में दिखाई देता है।
2303 व 2433 किस्म सबसे महंगा बीज
जानकारी के अनुसार इस साल 2303 तथा 2433 किस्म का बीज काफी महंगा बिक रहा है। इस बीज के भाव 11000 रुपये क्विंटल से अधिक बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस किस्म के सोयाबीन की चमक काफी अच्छी रहती है तथा 90 दिन में तैयार हो जाता है। ऐसे में किसानों की 120 दिन में पैदा होने वाली वैरायटी से किनारा कर 90 दिन में पैदा होने वाले सोयाबीन की तरफ रुझान काफी है। बता दे वर्तमान में करीब 10 से 15 किस्म के सोयाबीन बीज बाजार में उपलब्ध है। इसके भाव भी वैरायटी के अनुसार अलग-अलग बताया जा रहे हैं।
बीज निगम बंद
जिले में वर्षों से बीज निगम होता था, जो कृषि उपज की विभिन्न किस्म को तैयार कर उचित भाव में किसानों को उपलब्ध करवाता था। बताया जा रहा है कि इस साल से उज्जैन जिला मुख्यालय पर बीज निगम को बंद कर दिया गया है। माना जा रहा है कि कर्मचारियों की कमी तथा किसानों से जुड़ाव कम होने के बाद इस निगम को बंद कर दिया गया है। सोयाबीन कारोबारी राजू राठौर ने बताया कि इस साल सोयाबीन की बीज में कमी देखी जा रही है।
जिले में सोयाबीन बीज की कमी नहीं है
जिले में सोयाबीन बीज की कमी नहीं है। किसानों की विशेष किस्म की सोयाबीन बीज की मांग होने से उस बीज के भाव ऊंचे हैं। इस कारण बीज महंगा मिल रहा है। – कमलेश राठौर, कृषि अधिकारी, उज्जैन
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