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शीघ्र दर्शन टिकट से भरा महाकाल के सेनापति कालभैरव का खजाना, 42 दिन में तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की आय


उज्जैन स्थित कालभैरव मंदिर समिति ने भीड़ नियंत्रण के लिए करीब डेढ़ माह पहले 500 रुपये का सशुल्क दर्शन शुरू किया था।

Publish Date: Sat, 04 Jul 2026 07:31:16 AM (IST)Updated Date: Sat, 04 Jul 2026 07:37:10 AM (IST)

शीघ्र दर्शन टिकट से भरा महाकाल के सेनापति कालभैरव का खजाना, 42 दिन में तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की आय
उज्जैन कालभैरव मंदिर। फाइल फोटो

HighLights

  1. 42 दिन में समिति को 3 करोड़ 9 लाख 42 हजार रुपये की आय हुई
  2. भक्तों का रुझान देखते हुए श्रावण मास में भी यह व्यवस्था जारी रहेगी
  3. सामान्य, सशुल्क और प्रोटोकॉल की तीन कतारें चलाई जाएंगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। भगवान महाकाल के सेनापति कालभैरव का खजाना शीघ्र दर्शन टिकट की बिक्री से हुई आय से भर गया है। मात्र 42 दिन में मंदिर समिति को 3 करोड़ 9 लाख 42 हजार रुपये प्राप्त हुए हैं। सशुल्क दर्शन के प्रति भक्तों का रुझान देखते हुए मंदिर समिति ने इस व्यवस्था को श्रावण मास में भी यथावत रखने का निर्णय लिया है। मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में सामान्य,सशुल्क व प्रोटोकाल दर्शन की अलग कतार रहेगी।

मंदिर प्रशासक संध्या मार्कण्डेय ने बताया महाकाल के बाद कालभैरव मंदिर में दर्शनार्थियों की सबसे अधिक संख्या रहती है। करीब डेढ़ माह पहले मंदिर समिति ने भीड़ नियंत्रण के लिए सशुल्क दर्शन की शुरुआत की थी। इस व्यवस्था के तहत प्रति व्यक्ति 500 रुपये शुल्क में प्रोटोकाल के तहत आने वाले श्रद्धालु तथा सीमित संख्या में सामान्य दर्शनार्थियों को गर्भगृह में प्रवेश दिया जा रहा है।

शनिवार व रविवार को अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में केवल प्रोटोकाल के तहत आने वाले श्रद्धालुओं को ही सशुल्क दर्शन की सुविधा दी जाती है। बावजूद इसके हजारों भक्त टिकट लेने के लिए काउंटर पर खड़े रहते हैं। सशुल्क योजना को मिले भक्तों के प्रतिसाद का ही नतीजा है, कि मात्र 42 दिन में मंदिर समिति को 3 करोड़ रुपये से अधिक आय प्राप्त हो चुकी है।

तीन कतार चलाने का निर्णय

मंदिर प्रशासक के अनुसार प्रतिदिन सैकड़ों भक्त 500 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट खरीदकर गर्भगृह से भगवान कालभैरव के दर्शन का लाभ ले रहे हैं। श्रावण मास में भी भक्तों को इस सुविधा का लाभ मिल सके, इसके लिए इस व्यवस्था को यथावत रखा जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेड लगाकर तीन कतार में सामान्य, सशुल्क व प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था संचालित की जाएगी।



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