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लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर राजपाल ने नागदा में किया सरेंडर, एसआईटी और खरगोन पुलिस को थी तलाश


मोहाली में स्थित पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय पर हुए रॉकेट लांचर हमले में आरोपित दीपक रंगा को पनाह देने के आरोप में भी राजपाल और योगेश भाटी का ना …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 03 Apr 2026 12:06:01 PM (IST)Updated Date: Fri, 03 Apr 2026 12:11:59 PM (IST)

राजपाल को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस।

HighLights

  1. राजपाल ने एक व्यापारी के घर पर फायरिंग कराने की बात स्वीकारी
  2. राजपाल पर गैंग के साथियों को फरारी कटवाने के आरोप लगे थे
  3. बोला- जो भी गलत काम करेगा, उसे लॉरेंस गैंग नहीं छोड़ेगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। कुख्यात अपराधी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर राजपाल ने गुरुवार को नागदा जंक्शन में अपने गांव रत्न्यखेड़ी में सरेंडर किया। इस दौरान उसने खरगोन के एक व्यापारी के घर पर फायरिंग कराने की बात स्वीकारी।

राजपाल पर लॉरेंस गैंग का सदस्य होने ओर गैंग के साथियों को फरारी कटवाने के आरोप लगे थे। उसे खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र के दिलीप राठौर नामक व्यापारी के घर फायरिंग की घटना के मामले में एआईटी और खरगोन पुलिस लंबे समय से तलाश कर रही थी।

हालांकि देशभर की सुरक्षा एजेंसियां और कई राज्यों की पुलिस उससे पहले ही पूछताछ कर चुकी है। सरेंडर से पहले राजपाल ने मीडिया से चर्चा की। कहा कि खरगोन निवासी व्यापारी छोटी बच्चियों पर गलत नजर रखता था और किसानों के साथ अत्याचार करता था। इसी कारण उसे सबक सिखाने के लिए पहले उसके साथियों ने हमले की कोशिश की।

असफल होने पर हैरी बॉक्सर ने इस वारदात को अंजाम दिया था। मामले में पुलिस उसके परिवार को परेशान कर रही थी। इसलिए आत्मसमर्पण का फैसला लिया। राजपाल ने खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी गलत काम करेगा, उसे लॉरेंस गैंग नहीं छोड़ेगी। इस बयान के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

एनआईए कर चुकी जांच

राजपाल और योगेश भाटी का नाम पहले भी कई बड़े आपराधिक मामलों में जुड़ा है। मोहाली में स्थित पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय पर हुए रॉकेट लांचर हमले में आरोपित दीपक रंगा को पनाह देने के आरोप में भी राजपाल और योगेश भाटी का नाम सामने आया था। इस मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

एनकाउंटर का था डरबताया जाता हैं कि खरगोन की घटना में उज्जैन पुलिस लगातार राजपाल के घर दबिश देकर स्वजन से पूछताछ कर रही थी। इससे राजपाल को उसके एनकाउंटर का डर सता रहा था। यही वजह है कि उसने पहले वीडियो बनाकर सरेंडर की बात कही फिर मीडिया के सामने खुलासा कर पुलिस बुला ली।



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