नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 से पहले ‘मध्यप्रदेश की धर्मधानी’ उज्जैन पूरे मालवा के सबसे बड़े हाई-स्पीड ग्रोथ कारिडोर के रूप में उभर रही है। प्रदेश सरकार उज्जैन को इंदौर, देवास, बदनावर, गरोठ से जोड़ने के बाद अब इंदौर और जावरा के लिए नया फोरलेन बनवा रही है और अगले कुछ सप्ताह में झालावाड़ रोड को फोरलेन में बदलने को भूमि पूजन करने जा रही हैै।
करीब 16500 करोड़ रुपये की सड़क और आधारभूत ढांचा परियोजनाओं से न केवल सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी, बल्कि मालवा में पर्यटन, उद्योग, व्यापार, कृषि और निवेश को भी नई गति मिलेगी। यही वजह है कि उज्जैन अब केवल धार्मिक राजधानी नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के नए विकास कारिडोर की धुरी बनता जा रहा है।
बीते कुछ वर्षों में उज्जैन को चारों दिशाओं से जोड़ने की रणनीति पर तेजी से काम हुआ है। उज्जैन-देवास फोरलेन बनने के बाद शहर को आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिल चुकी है। बड़नगर-बदनावर फोरलेन ने पश्चिमी मालवा से संपर्क मजबूत किया है, जबकि उज्जैन-गरोठ फोरलेन अंतिम चरण में है।
दूसरी ओर उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन का 70 से 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटेगा और यातायात का दबाव भी कम होगा। 273 करोड़ रुपये से 39 किमी लंबे उज्जैन- मक्सी रोड फोरलेन सड़क परियोजना का काम प्रगतिरत है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच पिछले एक महीने में तीन बड़ी सड़क परियोजनाओं ने इस नेटवर्क को नई गति दी है। 20 जून 2026 को 2935 करोड़ रुपये की लागत वाले 48 किलोमीटर लंबे इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन का भूमिपूजन हुआ। यह सड़क उज्जैन के चिंतामन गणेश क्षेत्र को इंदौर के पितृ पर्वत और देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से तेज़ संपर्क देगी।
इसके लिए 917 किसानों की भूमि अधिग्रहित कर 816 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। इसके बाद 10 जुलाई को 98.41 किलोमीटर लंबे उज्जैन-जावरा एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन परियोजना का भूमिपूजन हुआ। करीब 2029 करोड़ रुपये की यह सड़क उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, महू-नीमच कारिडोर और उत्तर भारत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सिंहस्थ के दौरान यह प्रमुख वैकल्पिक प्रवेश मार्ग बनेगी।
इंदौर, जावरा के बाद अब झालावाड़ फोरलेन के भूमिपूजन की तैयारी
उज्जैन से इंदौर और जावरा तक फोरलेन सड़क निर्माण का काम शुरू कराने के बाद अब सरकार की अगली प्राथमिकता 160 किलोमीटर लंबे उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन का भूमिपूजन कर निर्माण शुरू कराना है। करीब 2721 करोड़ 72 लाख रुपये की इस परियोजना का टेंडर स्वीकृत हो चुका है।
छह फ्लाईओवर, बड़े पुल और 115 व्हीकल अंडरपास वाले इस मेगा हाईवे से राजस्थान और हाड़ौती क्षेत्र से उज्जैन की दूरी और यात्रा समय दोनों कम होंगे। इन सड़क परियोजनाओं के साथ उज्जैन-इंदौर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण भी दोनों शहरों को ट्विन सिटी माडल पर विकसित कर रहा है। औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स, मेडिकल, शिक्षा, पर्यटन, आईटी पार्क, यूनिटी मॉल और अन्य शहरी परियोजनाओं के जरिए उज्जैन और इंदौर को साझा आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
फैक्ट फाइल
- 16500 करोड़ रुपये से अधिक का इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश
- 273 करोड़ रुपये से 39 किमी लंबे उज्जैन- मक्सी रोड फोरलेन सड़क परियोजना का काम प्रगतिरत
- उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन का निर्माण 80 प्रतिशत पूरा
- उज्जैन-गरोठ फोरलेन का निर्माण अंतिम चरण में
- 2935 करोड़ का इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन का पिछले महीने भूमि पूजन कर काम शुरू
- 2029 करोड़ का उज्जैन-जावरा फोरलेन का एक दिन पहले हुआ भूमि पूजन
- 2721.72 करोड़ का उज्जैन-झालावाड़ मेगा फोरलेन प्रस्तावित
- ट्विन सिटी मॉडल से उज्जैन-इंदौर का संयुक्त विकास
- पर्यटन, उद्योग, कृषि, व्यापार और निवेश को मिलेगा बड़ा लाभ
सिंहस्थ-2028 से पहले बनेगा उज्जैन-झालावाड़ मेगा फोरलेन, दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती

