नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाकाल महालोक में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए विकसित किया गया एआई आधारित निगरानी तंत्र ‘त्रिनेत्र’ अब राष्ट्रीय माडल बन गया है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में लागू इस परियोजना को गुरुवार को जयपुर में हुए 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में प्रतिष्ठित स्वर्ण (गोल्ड) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि भारत सरकार की डिजिटल इंडिया कार्पोरेशन ने उज्जैन के इस माडल को देशभर में लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की घोषणा की है।
राजस्थान के जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में देशभर के राज्यों और जिला प्रशासन ने अपने डिजिटल नवाचार प्रस्तुत किए। इस दौरान कलेक्टर एवं उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने ‘त्रिनेत्र’ परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया, जिसे विशेषज्ञों ने अत्यधिक सराहा।
महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ गई है
समापन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और राजस्थान के आईटी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कलेक्टर रौशन कुमार सिंह को यह पुरस्कार प्रदान किया। मालूम हो कि 11 अक्टूबर 2022 को महाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ गई।
सामान्य दिनों में जहां एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, वहीं प्रमुख पर्वों पर यह संख्या चार से पांच लाख तक पहुंच जाती है। इतनी बड़ी भीड़ के बीच सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन बड़ी चुनौती बन गया था।
700 से अधिक एआई कैमरे निगरानी कर रहे हैं
इसी जरूरत से वर्ष 2023 में ‘त्रिनेत्र’ परियोजना की शुरुआत हुई। आज महाकाल मंदिर, महाकाल लोक, रुद्रसागर क्षेत्र, पार्किंग और प्रवेश-निकास मार्गों पर 700 से अधिक एआई सक्षम कैमरे चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं। यह सिस्टम केवल वीडियो रिकॉर्ड नहीं करता, बल्कि भीड़ का घनत्व, संदिग्ध गतिविधियां, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश और असामान्य गतिविधियों का विश्लेषण कर तुरंत अलर्ट भी जारी करता है। फेस रिकग्निशन, वीडियो एनालिटिक्स और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाओं ने इसे देश की सबसे आधुनिक धार्मिक सुरक्षा प्रणालियों में शामिल कर दिया है।
सिंहस्थ-2028 के लिए विस्तार की तैयारी
अब उज्जैन प्रशासन सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए ‘त्रिनेत्र’ को और विस्तारित करने की तैयारी में जुटा है। अनुमान है कि सिंहस्थ में 40 करोड़ श्रद्धालु आएंगे और ऐसे में यही प्रणाली पूरे सिंहस्थ क्षेत्र की डिजिटल सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की रीढ़ बनेगी।
यह भी जानिये
- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी तो जन्म हुआ ‘त्रिनेत्र’ का
- वर्ष 2023 में शुरू हुई परियोजना
- 700 से अधिक स्मार्ट कैमरे सक्रिय
- 24 घंटे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से निगरानी
- फेस रिकग्निशन और रियल टाइम वीडियो एनालिटिक्स
- भीड़ बढ़ने पर तत्काल अलर्ट सिस्टम
- संदिग्ध गतिविधियों की स्वत: पहचान
बड़ी बात ये…
कभी भीड़ प्रबंधन को अपनी सबसे बड़ी चुनौती मानने वाला उज्जैन आज देश को बता रहा है कि आस्था, तकनीक और सुशासन का संगम सुरक्षा का नया मॉडल कैसे बन सकता है। ‘त्रिनेत्र’ अब केवल महाकाल की सुरक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि देश के स्मार्ट धार्मिक प्रबंधन की नई पहचान बन गया है।

