महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपये शुल्क लागू किया गया है। …और पढ़ें
HighLights
- संध्या-शयन आरती पर 250 रुपये शुल्क
- डिजिटल बुकिंग से पारदर्शिता का दावा
- पहले दिन व्यवस्था सफल बताई गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन: उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के बाद अब संध्या और शयन आरती के दर्शन के लिए भी शुल्क व्यवस्था लागू कर दी गई है। गुरुवार से शुरू हुई इस नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को प्रति व्यक्ति 250 रुपये देना होगा। निर्णय के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां कांग्रेस ने विरोध जताया है, वहीं भाजपा और मंदिर प्रशासन ने इसे व्यवस्था सुधार की दिशा में कदम बताया है।
250 रुपये शुल्क से शुरू हुई नई व्यवस्था
मंदिर समिति द्वारा गुरुवार से संध्या और शयन आरती दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपये शुल्क लागू किया गया। इससे पहले भस्म आरती के लिए शुल्क व्यवस्था प्रचलित थी। अब यह दायरा बढ़ाते हुए शाम और रात्रि की आरती को भी सशुल्क श्रेणी में शामिल किया गया है।
कांग्रेस ने जताया विरोध
शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी और नगर निगम नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने इस निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि मंदिर समिति धीरे-धीरे दर्शन व्यवस्था को आय का साधन बना रही है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि भस्म, संध्या और शयन आरती को पूर्णतः शुल्क मुक्त रखा जाए, ताकि आम श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार
भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कांग्रेस के आरोपों को भ्रम फैलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है और श्रद्धालुओं को गुमराह कर रही है। उनका दावा है कि निश्शुल्क दर्शन की व्यवस्था पहले भी उपलब्ध थी और आगे भी जारी रहेगी।
प्रशासन का दावा- व्यवस्था सफल
मंदिर प्रशासन ने पहले दिन की व्यवस्था को सफल बताया। सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया के अनुसार डिजिटल बुकिंग प्रणाली लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और भीड़ प्रबंधन में सहूलियत मिलेगी। कई श्रद्धालुओं ने भी नई व्यवस्था को सरल और स्पष्ट बताया।

