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भगवान महाकाल की सेवा का एक दशक पूरा करेगा श्यामू हाथी, सवारी वाले दिन रखेगा उपवास


भगवान महाकाल की 10 अगस्त को निकलने वाली श्रावण मास की दूसरी सवारी श्यामू हाथी के लिए भी यादगार होगी। वर्ष 2016 में पहली बार बाबा महाकाल की सेवा में शा…और पढ़ें

Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 01:25:12 PM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 01:25:12 PM (IST)

भगवान महाकाल की सेवा का एक दशक पूरा करेगा श्यामू हाथी, सवारी वाले दिन रखेगा उपवास
श्यामू हाथी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सवारी वाले दिन सुबह फलाहार, मंदिर से लौटने पर करेगा भोजन
  2. वर्ष 2016 में पहली बार बना था अवंतिकानाथ के राजसी वैभव का हिस्सा
  3. हाथी मालिक श्रवण गिरी बोले- सवारी वाले दिन सुबह से ही झूमने लगता है श्यामू, जैसे उसे आभास हो जाता है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : भगवान महाकाल की 10 अगस्त को निकलने वाली श्रावण मास की दूसरी सवारी श्यामू हाथी के लिए भी यादगार होगी। वर्ष 2016 में पहली बार बाबा महाकाल की सेवा में शामिल हुआ श्यामू इस बार सवारी में अपनी सेवा का एक दशक पूरा करेगा। सवारी वाले दिन वह सुबह से उपवास रखेगा, मंदिर रवाना होने से पहले केवल फलाहार करेगा और भगवान महाकाल का नगर भ्रमण संपन्न होने के बाद जब घर लौटेगा तब उसे भोजन कराया जाएगा।

श्यामू हाथी के मालिक श्रवण गिरी महाराज ने बताया कि सवारी वाला सोमवार श्यामू के लिए भी विशेष होता है। सुबह से ही उसके व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगता है। वह झूमने लगता है, मानो उसे भगवान महाकाल की सेवा का समय होने का आभास हो गया हो।

पूरे दिन वह उपवास रखता है और सवारी में रवाना होने से पहले केवल फलाहार करता है। दस सालों से सवारी के दिन श्यामू की दिनचर्या निर्धारित है। सुबह करीब नौ बजे श्यामू को स्नान कराया जाएगा। इसके बाद उसे विशेष रूप से सजाया-संवारा जाएगा।

तैयार होने के बाद उसे लगभग 30 किलो ककड़ी, 10 किलो तरबूज, 10 किलो केले और 10 किलो पपीता का फलाहार कराया जाएगा। इसके बाद वह महाकाल मंदिर के लिए रवाना होगा। करीब दो घंटे की यात्रा के बाद मंदिर पहुंचने पर उसकी पीठ पर चांदी का हौदा सजाया जाएगा, जिसमें भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप में विराजमान होकर शाही सवारी पर निकलेंगे।

सवारी संपन्न होने के बाद शाम करीब 7.30 बजे श्यामू अपने निवास लौटेगा। इसके बाद उसका उपवास पूरा होगा और उसे हरी घास, चोकर तथा आटे से तैयार पौष्टिक भोजन कराया जाएगा।

कुछ लोग रच रहे थे षड्यंत्र

श्रवण गिरी महाराज ने बताया कि मंदिर समिति के निर्णय से पूरा परिवार प्रसन्न है। उनका कहना है कि यह सब भगवान महाकाल की कृपा है। कुछ लोगों ने श्यामू को शहर से बाहर भेजने के लिए तरह-तरह के प्रयास और षड़यंत्र किए, लेकिन अंततः बाबा की इच्छा से श्यामू को फिर सेवा का अवसर मिला। महाराज ने बताया उनके हाथियों का परिवार 46 वर्षों से महाकाल की सेवा कर रहा है।

ब्लड सैंपल लिए पर जांच रिपोर्ट नहीं आई

बता दें करीब एक माह पहले श्यामू हाथी की जांच करने वाले चिकित्सक डा.मुकेश जैन ने श्यामू को बीमार बताया था। इसके बाद वन विभाग हरकत में आया और डीएफओ अनुराग तिवारी श्रवण गिरी के निवास पर पहुंचे और अपनी निगरानी में हाथी का स्वास्थ्य परीक्षण व ब्लड सैंपलिंग कराई। पशु चिकित्सा विभाग ने ब्लड सैंपल जबलपुर स्थित लैब में जांच के लिए भेजे थे, लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है।

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