सनातन नववर्ष और चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के प्रमुखधार्मिक स्थलों पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। …और पढ़ें
HighLights
- महाकाल मंदिर में ब्रह्म ध्वज फहराकर नए संवत्सर का स्वागत
- नीम मिश्रित जल से भगवान महाकाल का अभिषेक और पंचांग पूजन
- मैहर में चैत्र नवरात्र पर एक लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन/मैहर। सनातन नववर्ष और चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के प्रमुखधार्मिक स्थलों पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। उज्जैन के महाकाल मंदिर में जहां नए संवत्सर का शुभारंभ विधिवत पूजन के साथ हुआ, वहीं मैहर की त्रिकूट पर्वत स्थित मां शारदा धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
महाकाल मंदिर में नववर्ष का उत्सव
उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में रौद्र संवत्सर-2083 का स्वागत परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ किया गया। भगवान महाकाल का नीम मिश्रित जल से अभिषेक किया गया और मंदिर के शिखर पर ब्रह्म ध्वज फहराया गया। नैवेद्य कक्ष में गुड़ी आरोहण के साथ नए पंचांग का पूजन कर देश-दुनिया के कल्याण की प्रार्थना की गई।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को सृष्टि के आरंभ का दिन माना जाता है और उज्जैन में इसे ‘उज्जयिनी गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की परंपरा है।
मैहर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
वहीं मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। रात तक करीब एक लाख भक्तों ने दर्शन किए। मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा और भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर के प्रधान पुजारी द्वारा मां शारदा का विशेष श्रृंगार कर भोग अर्पित किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
यह भी पढ़ें- जज पर भरोसा नहीं, वकील की मांग पर ग्वालियर कोर्ट ने केस दूसरी अदालत में किया ट्रांसफर

