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बारिश का बेसब्री से इंतजार… मालवा अंचल के किसानों की बढ़ रही चिंता


मालवा अंचल में 7 जुलाई के बाद से बरसात का दौर पूरी तरह थमने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। करीब आठ दिन बीत जाने के बावजूद क्षेत्र में पर्य…और पढ़ें

Publish Date: Wed, 15 Jul 2026 10:43:40 AM (IST)Updated Date: Wed, 15 Jul 2026 10:43:40 AM (IST)

बारिश का बेसब्री से इंतजार... मालवा अंचल के किसानों की बढ़ रही चिंता
वर्षा नहीं होने से फसल अब मुरझाने लगी है। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. मालवा अंचल में 7 जुलाई के बाद से बरसात का दौर पूरी तरह थमने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है
  2. करीब आठ दिन बीत जाने के बावजूद पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी सोयाबीन व अन्य फसलें मुरझाने लगी हैं
  3. बरसात के अभाव में पौधों की बढ़वार रुक गई है और कई स्थानों पर फसल सूखने की स्थिति में पहुंच रही है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उन्हेल (उज्जैन)। मालवा अंचल में 7 जुलाई के बाद से बरसात का दौर पूरी तरह थमने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। करीब आठ दिन बीत जाने के बावजूद क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण खेतों में खड़ी सोयाबीन व अन्य फसल मुरझाने लगी है। बरसात के अभाव में पौधों की बढ़वार रुक गई है और कई स्थानों पर फसल सूखने की स्थिति में पहुंच रही है।

मालवा क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने समय पर बोवनी कर ली थी और शुरुआती बरसात से फसल में अच्छी वृद्धि की उम्मीद जगी थी, लेकिन इसके बाद मौसम के अचानक बदलने और वर्षा रुक जाने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। खेतों में नमी लगातार कम हो रही है, जिससे सोयाबीन की उपज पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में किसान रोजाना आसमान की ओर टकटकी लगाए बादलों का इंतजार कर रहे हैं। कई किसान इंद्र देव से अच्छी वर्षा की प्रार्थना कर रहे हैं ताकि फसल को नया जीवन मिल सके। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में बरसात नहीं हुई तो सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सोयाबीन की फसल के लिए इस समय पर्याप्त नमी और नियमित वर्षा बेहद आवश्यक है। मालवा अंचल के किसानों की निगाहें अब मौसम के बदलते मिजाज और आगामी बरसात पर टिकी हुई है।

बिना नमी वाले खेतों में खरपतवार नाशक न छिड़कें

महिदपुर रोड। पिछले तीन चार दिनों से मौसम खुला रहने के कारण किसान तुरंत खरपतवार नियंत्रण का कार्य तेजी से कर रहे हैं। वर्तमान में जिले की सोयाबीन की फसलें लगभग 10 से 15 दिनों की हो चुकी हैं, जो खरपतवार नियंत्रण के लिए उचित समय है।

कृषि विभाग के यूएस तोमर ने बताया कि किसान सुविधानुसार खेतों में खरपतवार नियंत्रण हेतु ट्रैक्टर से या बैलों से डोरे चला रहे हैं। जहां खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध है, वहां खरपतवार नाशी का उपयोग भी किया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुभाग कार्यालय प्रमुख चंद्रशेखर कुरील व उनके सहयोगी भूपसिंह सेमल ने किसानों से कहा कि वे जब खेतों में पर्याप्त नमी अवश्य हो, उस समय खरपतवार नाशी दवाइयां का प्रयोग करें। नमी की कमी होने पर डोरे चलाकर ही खरपतवार पर नियंत्रण करें।

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