किसानों का कहना था कि शासन ने 198 फीट जगह अधिग्रहण कर उसका पैसा ही शासन द्वारा दिया जाएगा। जबकि एमपीआरडीसी द्वारा 75 फीट से अधिक की जमीन का अधिग्रहण क …और पढ़ें

HighLights
- करीब 75 फीट से अधिक जमीन एमपीआरडीसी द्वारा अधिग्रहण की जा रही थी
- खाचरौद-भाटखेड़ी में उज्जैन-जावरा फोरलेन बनाने के लिए पहुंची टीम को किसानों ने कार्य नहीं करने दिया
- अधिग्रहण के चलते भूमि का उचित मुआवजा भी नहीं मिलने से किसान हताश हो रहा है
नईदुनिया न्यूज, खाचरौद (उज्जैन)। खाचरौद-भाटखेड़ी में उज्जैन-जावरा फोरलेन बनाने के लिए पहुंची टीम को किसानों ने कार्य नहीं करने दिया। क्षेत्र के किसानों की माली हालत खराब है, ऐसे में उज्जैन-जावरा फोरलेन बनाने में कई किसानों की भूमि सरकार द्वारा अधिग्रहण की जा रही है। जिसके चलते क्षेत्र के किसानों को बड़ी परेशानियों का सामना तो करना पड़ ही रहा है वहीं अधिग्रहण के चलते भूमि का उचित मुआवजा भी नहीं मिलने से किसान हताश हो रहा है।
सोमवार सुबह भाटखेड़ी गांव से निकल रहे, उज्जैन-जावरा फोरलेन बनाने के दौरान एमपीआरडीसी की टीम द्वारा कई किसानों की करीब 75 फीट से अधिक जमीन अधिग्रहण करने के लिए समतलीकरण करने पहुंची टीम को किसानों ने कार्य करने नहीं दिया।
एसडीएम, तहसीलदार के नहीं आने से किसानों का आक्रोश और अधिक बढ़ गया
किसानों का कहना था कि शासन ने 198 फीट जगह अधिग्रहण कर उसका पैसा ही शासन द्वारा दिया जाएगा। जबकि एमपीआरडीसी की टीम द्वारा करीब 75 फीट से अधिक की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके चलते भाटखेड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए। हालांकि इस दौरान मौके पर एसडीएम, तहसीलदार के नहीं आने से किसानों का आक्रोश और अधिक बढ़ गया। किसान दोपहर 3 बजे तक कड़ी धूप में खड़े रहे और उन्होंने टीम को काम नहीं करने दिया।
किसानों की जुबानी
सरपंच कपिल नागर, मांगीलाल सेकवाडिया, मदन सिंह राजपूत, भरतलाल वरवनिया, रामसिंह ठाकुर, घनश्याम संगीतला, दामोदर संगीतला, मांगीलाल संगीतला, रमेश चंद्रवंशी आदि ने बताया कि अगर शासन उनकी जमीन अधिक लेता है, तो वह जन आंदोलन छेड़ कर टीम को कार्य नहीं करने देंगे।
पार्श्वनाथ सिटी के रहवासियों ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन
उज्जैन : पार्श्वनाथ सिटी कालोनी के रहवासियों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह से मिला। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर स्थायी विद्युत कनेक्शन की मांग उठाई। बताया कि पार्श्वनाथ डेवलपर द्वारा विद्युतीकरण कार्य अधूरा छोड़ने के कारण हजारों परिवार वर्षों से अस्थायी और सब-मीटर व्यवस्था पर निर्भर हैं। वर्तमान में पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड के खिलाफ एनसीएलटी में इंसाल्वेंसी प्रक्रिया चल रही है, जिससे स्थिति और उलझ गई है। उन्होंने मांग की कि जहां डेवलपर काम पूरा न करे, वहां बिजली कंपनी को रहवासियों को सीधे स्थायी घरेलू कनेक्शन देने चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने वर्तमान व्यवस्था बाधित न होने देने की भी अपील की। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों से समन्वय कर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। मुलाकात के दौरान अभिलाष जैन, ईश्वर पटेल, हेमंत काकाणी, योगेश येवले और नीरव शाह उपस्थित थे।