ठगों द्वारा फर्जी संदेशों में रेड सिग्नल जंप, चालान नंबर, चालान राशि का उल्लेख करते हुए एक लिंक भेजा जाता है, जिस पर क्लिक करने या एप डाउनलोड करने के …और पढ़ें
HighLights
- यदि संदेश किसी अधिकृत सरकारी एजेंसी से प्राप्त नहीं हुआ है, तो उसे इग्नोर करें
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें एवं कोई भी एप डाउनलोड न करें
- पनी बैंकिंग, ओटीपी, कार्ड डिटेल या व्यक्तिगत जानकारी शेयर ना करें
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। फर्जी ट्रैफिक ई चालान के नाम पर साइबर ठगी की जा रही है। पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर सावधानी बरतने की अपील की है। ठग एसएमएस, वाट्सएप, ईमेल के माध्यम से फर्जी ई चालान लिंक भेज रहे हैं। जिसके आधार पर बैंकिंग जानकारी चोरी होने की आशंका है।
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बीते कुछ दिनों से साइबर ठगों द्वारा आम लोगों को फर्जी ट्रैफिक ई-चालान के नाम पर एसएमएस, वाट्सएप एवं ईमेल के माध्यम से संदेश भेजकर ठगी करने का प्रयास किया जा रहा है।
फर्जी संदेशों में रेड सिग्नल जंप, चालान नंबर, चालान राशि का उल्लेख करते हुए एक लिंक भेजा जाता है, जिस पर क्लिक करने या एप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। लिंक पर क्लिक करते ही लोगों की व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी चोरी होने की आशंका रहती है, जिससे उनके बैंक खाते से अवैध रूप से राशि निकाली जा सकती है।
उज्जैन पुलिस की नागरिकों से अपील
- किसी भी संदिग्ध ई-चालान संदेश से घबराएं नहीं।
- सबसे पहले मैसेज भेजने वाले सेंडर का नाम व नंबर जांचें।
- यदि संदेश किसी अधिकृत सरकारी एजेंसी से प्राप्त नहीं हुआ है, तो उसे इग्नोर करें।
- किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें एवं कोई भी एप डाउनलोड न करें।
- अपनी बैंकिंग, ओटीपी, कार्ड डिटेल या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- ई चालान की सही एवं आधिकारिक जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट व पोर्टल पर ही उपलब्ध होती है।
- अपने चालान की जानकारी एम-परिवहन एप, डिजिलाकर एप अथवा परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही देखें।
- फर्जी लिंक एवं संदेशों के माध्यम से किए जा रहे साइबर अपराध से सतर्क रहें।
- एपीके फाइल या फर्जी लिंक पर गलती से क्लिक हो जाने की स्थिति में मोबाइल फोन में लगी हुई सिम कार्ड को तुरंत फोन से निकाल दें।
- फोन को अधिकृत सर्विस सेंटर पर ले जाकर हार्ड फार्मेट करवाएं एवं मोबाइल में नई सिम कार्ड लगवाएं।
- ई मेल आइडी का पासवर्ड बदलें। मोबाइल में उपयोग होने वाले सभी एप जैसे बैंकिंग एप, सोशल एप, यूपीआई के पासवर्ड तत्काल बदलें।

