सम्राट विक्रमादत्यि विश्वविद्यालय परिसर में एक ही दिन में 11 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया। अमृत हरित महाअभियान के तहत चलाए गए इस अभियान को सिंहस्थ …और पढ़ें

HighLights
- सम्राट विक्रमादत्यि विश्वविद्यालय परिसर में एक ही दिन में 11 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया गया
- अमृत हरित महाअभियान के तहत चलाए गए इस अभियान को सिंहस्थ की दीर्घकालिक तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है
- करीब 84 किलोमीटर लंबे प्रमुख मार्गों के दोनों ओर पौधारोपण किया जाएगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में नगर निगम ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाते हुए सम्राट विक्रमादत्यि विश्वविद्यालय परिसर में एक ही दिन में 11 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया। अमृत हरित महाअभियान के तहत चलाए गए इस अभियान को सिंहस्थ की दीर्घकालिक तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
महापौर मुकेश टटवाल, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट और उद्यान विभाग के अपर आयुक्त योगेंद्र सिंह पटेल की मौजूदगी में हुए अभियान में सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और वृक्ष मित्रों ने भागीदारी की। इस दौरान कटहल, करंज, अमरूद, शीशम, जामुन और गुलमोहर सहित विभिन्न प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधे लगाए गए।
सिंहस्थ-2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों को हरित कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। फाइल के अनुसार करीब 84 किलोमीटर लंबे प्रमुख मार्गों के दोनों ओर पौधरोपण किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को प्राकृतिक छांव और बेहतर पर्यावरण मिल सके। इसके लिए 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
साथ ही शहर में 114 ग्रीन सिग्नेचर प्वाइंट भी विकसित किए जाएंगे। नगर निगम का दावा है कि इस बार अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहेगा। सभी पौधों की जियो-टैगिंग की जाएगी, उनका रिकॉर्ड ”मेरी लाइफ” पोर्टल पर दर्ज होगा और उनकी नियमित निगरानी की जाएगी।
फैक्ट फाइल
- एक दिन में रोपे गए पौधे : 11 हजार से अधिक
- दो माह का लक्ष्य : 10 लाख पौधे
- हरित पट्टी विकसित होगी : 84 किमी प्रमुख मार्गों पर
- विकसित किए जाएंगे : 114 ग्रीन सिग्नेचर प्वाइंट
- पौधों की निगरानी : जियो-टैगिंग और ”मेरी लाइफ” पोर्टल पर रिकॉर्ड
कौन-कौन से पौधे लगाए गए?
- कटहल, करंज,️ अमरूद,️ शीशम,️ जामुन,️ गुलमोहर,️ अन्य छायादार और फलदार प्रजातियां।
पौधे लगाना आसान, बचाना बड़ी चुनौती
उज्जैन में हर वर्ष बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती पौधों के संरक्षण की रहती है। कई स्थानों पर सिंचाई, ट्री-गार्ड और नियमित देखरेख के अभाव में पौधे कुछ महीनों में ही नष्ट हो जाते हैं। इस बार नगर निगम ने जियो-टैगिंग और पोर्टल आधारित निगरानी की व्यवस्था की है। अब देखने वाली बात होगी कि 10 लाख पौधों में से कितने पौधे अगले सिंहस्थ तक जीवित रह पाते हैं। क्योंकि हरित सिंहस्थ का सपना केवल पौधे लगाने से नहीं, उन्हें पेड़ बनने तक बचाने से पूरा होगा।