उज्जैन में निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर युवती से दुष्कर्म और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगने के बाद साधु समाज ने उनका बहिष्कार …और पढ़ें

HighLights
- महाकाल पुलिस ने युवती की शिकायत पर केस दर्ज किया है
- साधु समाज ने उन्हें पद से हटाने की मांग भी की है
- महामंडलेश्वर ज्ञानदास सदावल रोड स्थित दादू आश्रम में रहते थे
डिजिटल डेस्क, उज्जैन। निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर युवती द्वारा दुष्कर्म लगाए जाने के बाद से साधु समाज ने उनका बहिष्कार कर दिया है। इसके साथ ही आश्रमों और मठों में उनकी एंट्री पर बैन लगा दिया गया है। घटना से नाराज साधु समाज ने निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास महाराज को लेटर लिखकर उन्हें हटाने की मांग की गई है। पिछले दिनों महाकाल पुलिस ने युवती की शिकायत पर महामंडलेश्वर ज्ञानदास के लिखाफ केस दर्ज किया था।
महामंडलेश्वर पर लगे दुष्कर्म के आरोप ने साधु समाज की गरिमा को ठेस पहुंचायी है। परिषद के अध्यक्ष महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज सहित महामंत्री महंत रामेश्वर गिरी महाराज ने इस पर रोष जताते हुए उन्हें अखाड़े के किसी भी स्थान प्रवेश पर रोक लगा दी है।
दुष्कर्म और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप
महामंडलेश्वर ज्ञानदास सदावल रोड स्थित दादू आश्रम में रहते थे। उन पर युवती ने दुष्कर्म करने और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। उसका आरोप है कि डेढ़ साल पहले वह आश्रम गई थी। इसी दौरान महामंडलेश्वर ज्ञानदास ने उसका फोन नंबर लिया था और फिर सोशल मीडिया के जरिए भी संपर्क करने लगे थे। वह अपनी धार्मिक आस्था की वजह से उसने बात करती थी।
खीर में नशीला पदार्थ मिलाकर किया दुष्कर्म
युवती का कहना है कि पिछले साल 2025 में वह गुरु पूर्णिमा पर आश्रम पहुंची थी। इस दौरान वह कुछ दिनों के लिए आश्रम में ही ठहरी थी। एक दिन रात में उसे खीर दी गई थी, जिसके बाद उसे कुछ होश नहीं रहा। इसी का फायदा उठाकर महामंडलेश्वर ज्ञानदास ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दूसरी दिन सुबह जब वह जागी तो उसे पता चला कि बेहोशी में उसके साथ दुष्कर्म किया गया है।