मालूम हो कि विश्वविद्यालय की हालिया कार्यपरिषद की बैठक में कैंपस की व्यवस्था सुधारने के लिए तय किया था कि विश्वविद्यालय से संबंध न रखने वाले सभी बाहरी व्यक्तियों से आवास खाली कराए जाएंगे।
6 बाहरी लोगों का कब्जा
प्रशासन के अनुसार, कुल 184 आवासों में से 6 पर बाहरी लोगों का कब्जा है, जिनमें भाजपा विधायक डॉ. मालवीय, पूर्व एडिशनल एसपी जयंत सिंह राठौर, माधव कॉलेज में सहायक प्राध्यापक डॉ. अनिता सोनवाल, पालीटेक्निक कॉलेज के लेक्चरार अमित लश्करी, ऑडिट विभाग के संयुक्त संचालक दीपक परिहार, डॉ. चिंतामणि मालवीय के पीएसओ प्रदीप सिंह कुशवाह का नाम शामिल है।
इन्हें एक महीने के भीतर बंगला खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है। विधायक का दावा है कि उनका विश्वविद्यालय के साथ पुराना हिसाब बाकी है। उनके अनुसार, 2010 में लंबित प्रमोशन के कारण उनका भुगतान बकाया है। उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव से पूर्व उन्होंने करीब 10 लाख रुपये (9.09 लाख) जमा किए थे। जब तक विश्वविद्यालय उनका बकाया हिसाब चुकता नहीं करता, वे आवास खाली नहीं करेंगे।
आवास के लिए 50 कर्मचारी कतार में
विश्वविद्यालय में वर्तमान में आवास की भारी किल्लत है। जहां एक ओर 50 से अधिक पात्र कर्मचारी आवास के लिए आवेदन कर चुके हैं, वहीं दूसरी ओर 20 आवास पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। प्रशासन ने इन जर्जर मकानों को ध्वस्त कर दो करोड़ रुपये से तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए नए आवास बनाने का प्रस्ताव पारित किया है। ये आवास दो बेडरूम हाल, किचन के मल्टी में बनेंगे।
कुलगुरु का कहना- नियम सबके लिए समान
विश्वविद्यालय के कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि कार्यपरिषद के निर्णयानुसार आवास केवल विश्वविद्यालय के वर्तमान कर्मचारियों के लिए ही सुरक्षित रखे जाएंगे। उन्होंने संकेत दिए हैं कि नियम विरुद्ध रह रहे लोगों को तय समय सीमा में बेदखल किया जाएगा।
अब देखना यह है कि प्रशासन विधायक की “हिसाब-किताब” वाली शर्त को स्वीकार करता है या फिर आने वाले दिनों में यह ‘बंगला जंग’ प्रशासन और रसूखदारों के बीच एक कानूनी और राजनीतिक गतिरोध का कारण बनेगी।
किनके कब्जे में कौनसा बंगला
डॉ. चिंतामणि मालवीय (भाजपा विधायक, आलोट)
आवास संख्या : ई-4 – 4 मई 2009 को आवंटन। वर्ष 2023 तक किराया जमा, इसके बाद का किराया बकाया बताया गया है।
जयंत सिंह राठौर (सेवानिवृत्त एसपी)
आवास संख्या : ई-2 – पुलिस सेवा के दौरान आवंटन। इसी बंगले में वर्तमान एसपी गुरुप्रसाद पाराशर के भी रहने की जानकारी। किराये का रिकार्ड उपलब्ध नहीं।
अमित लश्करी (लेक्चरर, पॉलिटेक्निक कॉलेज)
आवास संख्या : एम-2/5 – 10 नवंबर 2012 को आवंटन। कई वर्षों से किराया बकाया बताया गया।
डॉ. अनीता सोनवाल (सहायक प्राध्यापिका, माधव कॉलेज)
आवास संख्या : एफ-2/20 – 8 दिसंबर 2022 को आवंटन। 31 दिसंबर 2026 तक अग्रिम किराया जमा।
प्रदीप सिंह कुशवाह (विधायक डॉ. मालवीय के पीएसओ)
आवास संख्या : बी-2/4 – 15 अक्टूबर 2015 को आवंटन। कई वर्षों का किराया बकाया बताया गया।
दीपक परिहार (संयुक्त संचालक, ऑडिट विभाग)
आवास संख्या : एफ-2/21 – 20 जुलाई 2020 को आवंटन। लंबे समय से किराया जमा नहीं होने की जानकारी।
विधायक का कब्जा हटा तो बंगले का ध्वस्त होना निश्चित
विधायक का कब्जा हटा तो ई-4 बंगला ध्वस्त होना निश्चित माना जा रहा है। इसके साथ कुछ अन्य बड़े निर्माण भी धराशायी करने की चर्चा है। वजह, रिनोवेट हो रहे कोठी महल में वीर भारत संग्रहालय खोला जाना है, जिसके अवलोकन के लिए आने वाले लोगों के लिए बड़ी पार्किंग, उद्यान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
यह भी पढ़ें : आलोट के विधायक चिंतामणि मालवीय को भाजपा ने दिया शोकाज नोटिस

