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उज्जैन में बालरंग समारोह की स्पर्धा का स्थान बदलने से छात्राएं हुईं नाराज, विरोध प्रदर्शन कर जताया गुस्सा


स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक गतिविधि के तहत विकासखंड स्तर से लेकर जिला संभाग एवं राज्य स्तरीय बालरंग समारोह के तहत विभिन…और पढ़ें

Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 09:00:38 PM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 09:00:38 PM (IST)

उज्जैन में बालरंग समारोह की स्पर्धा का स्थान बदलने से छात्राएं हुईं नाराज, विरोध प्रदर्शन कर जताया गुस्सा
धरना प्रदर्शन करती छात्राएं। -नईदुनिया

HighLights

  1. जेन अल्फा ने विरोध में दिया धरना
  2. प्राचार्य की समझाइश के बाद मानीं
  3. सांदीपनि विद्यालय के विद्यार्थी भी यहीं आकर भाग लेने वाले थे

नईदुनिया न्यूज, तराना (उज्जैन) : स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हर वर्ष वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक गतिविधि के तहत विकासखंड स्तर से लेकर जिला संभाग एवं राज्य स्तरीय बालरंग समारोह के तहत विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है। इस वर्ष आयोजन की जिम्मेदारी शास. पीएमश्री कन्या उमावि को दी गई थी व छात्राएं इसके लिए तैयारी कर रही थी।

सांदीपनि विद्यालय के विद्यार्थी भी यहीं आकर भाग लेने वाले थे। इस दौरान गत दिवस 18 सितंबर को बालरंग समारोह के आयोजन की जवाबदारी उत्कृष्ट उमावि तराना को दे दी गई। पीएमश्री कन्या उमा विद्यालय की छात्राएं प्रतियोगिता का आयोजन स्थल एक दिन पूर्व बदल कर उत्कृष्ट उमावि सांदीपनि विद्यालय कर दिए जाने से नाराज होकर धरना प्रदर्शन कर आयोजक विद्यालय बदलने की मांग करने लगी। बाद में प्राचार्य अशोक गेहलोत व अन्य स्टाफ के समझाने के बाद मामला शांत हुआ।

प्राप्त जानकारी अनुसार विगत कुछ वर्ष से बालरंग समारोह के आयोजन की जिम्मेदारी सीएम राइज या उत्कृष्ट उमा विद्यालयों को दी जाती थी, जहां अन्य विद्यालय के प्रतिभागी भी जाकर भाग लेते थे। एक दिन पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र क्रमांक 795 दिनांक 18 सितंबर द्वारा बालरंग समारोह के आयोजन के तहत विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता 19 सितंबर को सांदीपनि विद्यालय यानि पूर्व उत्कृष्ट उमावि को सौंपी गई तथा जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 28 सितंबर 2026 को कराने की जिम्मेदारी शास उत्कृष्ट उमा विद्यालय उज्जैन को दी गई।

सांदीपनि विद्यालय जाने से मना कर दिया

एक दिन पूर्व फेरबदल करने से छात्राओं ने पहले तो सांदीपनि विद्यालय जाने से मना कर दिया, किंतु प्राचार्य अशोक कुमार गेहलोत के समझाने के बाद जाने को तैयार हो गईं। इस बीच बाहर जाकर धरने पर बैठ गई। बाद में किसी तरह मामला शांत किया गया।

इधर सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य दिग्विजयसिंह चौहान ने बताया कि आयोजक विद्यालय बदलने का पत्र प्राप्त होने पर प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जा रही है। फेरबदल क्यों किया गया, यह जिला शिक्षा अधिकारी बता सकते हैं। इस फेरबदल में इस विद्यालय की या प्राचार्य की कोई भूमिका नहीं है।

हमें शासन के आदेशों का पालन करना है। उत्कृष्ट विद्यालय एकादमिक रूप से पूरे विकासखंड का नोडल स्कूल होता है व विकासखंड के सभी विद्यार्थी हमारे अपने हैं। शासन के आदेशानुसार प्रतियोगिताएं विकासखंड शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन मे हुई है।

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