पंचांग की गणना में तिथियों के मतांतर से शहर में दो दिन परशुराम जयंती मनाई जाएगी। श्री परशुराम ब्राह्मण संगठन द्वारा 19 अप्रैल को श्री महाकालेश्वर मंदि …और पढ़ें

HighLights
- 19 अप्रैल को सुबह 9 बजे श्री परशुराम दर्शन यात्रा निकाली जाएगी
- 20 अप्रैल को चाणक्यपुरी स्थित श्री परशुराम मंदिर में प्राकट्य उत्सव
- प्राचीन चंद्रादित्येश्वर महादेव मंदिर में होगी विशेष पूजा-महाआरती
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। पंचांग की गणना में तिथियों के मतांतर से शहर में दो दिन परशुराम जयंती मनाई जाएगी। श्री परशुराम ब्राह्मण संगठन द्वारा 19 अप्रैल को श्री महाकालेश्वर मंदिर से सुबह 9 बजे श्री परशुराम दर्शन यात्रा निकाली जाएगी। वहीं चाणक्यपुरी स्थित संभाग के सबसे बड़े श्री परशुराम मंदिर में अभा युवा ब्राह्मण समाज द्वारा 20 अप्रैल को भगवान परशुराम का प्राकट्य उत्सव मनाया जाएगा। दोनों ही संगठनों द्वारा आयोजन की भव्य तैयारी की जा रही है।
20 अप्रैल को भगवान परशुराम का जन्मोत्सव
अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पं. अर्पित पुजारी ने बताया 20 अप्रैल को सुबह सूर्योदय के समय तृतीया तिथि होने से श्री परशुराम मंदिर में उदियात तिथि को मान्यता देते हुए इसी दिन भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। सुबह 10 बजे भगवान परशुराम का श्री विष्णु सहस्त्र नामावली से अभिषेक कर पूजा अर्चना की जाएगी। इसके बाद भगवान को नए वस्त्र व आभूषण धारण कराकर विशेष श्रृंगार किया जाएगा। दोपहर 12 बजे संस्थापक अध्यक्ष व अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. महेश पुजारी के मुख्य आतित्य में महाआरती की जाएगी। भक्तों को प्रसादी का वितरण होगा।
सभी उपवर्गीय शाखा के सदस्य शामिल होंगे
श्री परशुराम ब्राह्मण संगठन के संस्थापक पं.राजेश त्रिवेदी आमवाला पंडा ने बताया 19 अप्रैल को सुबह 9 बजे महाकाल मंदिर से निकलने वाली श्री परशुराम दर्शन यात्रा में ब्राह्मण समाज की सभी उपवर्गीय शाखा के सदस्य शामिल होंगे। इसलिए शहर के सभी प्रमुख मंदिर व तीर्थ के पुजारी, पुरोहित व ब्राह्मणों को आमंत्रित किया जा रहा है। संगठन की महिलाएं पार्षद माया त्रिवेदी के साथ घर-घर संपर्क कर रही हैं। शुक्रवार को सिद्धवट क्षेत्र में ब्राह्मणों को यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया।
21 अप्रैल को मनेगी शंकराचार्य जयंती
ब्राह्मण समाज द्वारा 21 अप्रैल को आद्य शंकराचार्य की जयंती मनाई जाएगी। महाकाल मंदिर के सभा मंडप में स्थित श्री चंद्रादित्येश्वर महादेव मंदिर में विराजित भगवान आद्य शंकराचार्य जी की पूजा अर्चना की जाएगी। पं. संजय पुजारी ने बताया सुबह भगवान का अभिषेक पूजन होगा। मध्याह्नकाल में महाआरती की जाएगी। बता दें महाकाल मंदिर के सभा मंडप में यह भगवान आदि शंकराचार्य का अत्यंत प्राचीन मंदिर है। सिंहस्थ के समय सभी अखाड़ों के साधु संत यहां दर्शन करने आते हैं।
यह भी पढ़ें- भोपाल में जिहादी नेटवर्क का भंडाफोड़, स्पा, जिम और कॉलेजों तक फैला जाल; हिंदू युवतियों को फंसाकर मतांतरण का खेल
बांके बिहारी के चरण दर्शन होंगे
अक्षय तृतीया पर उज्जैन के खाकचौक स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में भगवान के चरण दर्शन होंगे। पं. हरिनारायण शास्त्री ने बताया अक्षय तृतीया पर साल में सिर्फ एक दिन बांके बिहारी के चरण दर्शन का विधान है। इस दिन वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में चरण दर्शन के लिए लाखों भक्त पहुंचते हैं। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में चरण दर्शन का जो पुण्य मिलता है, वही पुण्य उज्जैन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन से प्राप्त होता है।