मृतक के स्वजन ने बताया कि समीर का दोस्त आशीष बैंक में काम करता था। 13 मई की सुबह उसका शव सड़क किनारे मिला था। पता चला है कि उसने जहरीला पदार्थ खाया था …और पढ़ें

HighLights
- उपचार के लिए उसे चरक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था
- दोस्त ने भी तीन दिन पूर्व जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी, इसके बाद से वह काफी दुखी था
- 13 मई की सुबह दोस्त का शव सड़क किनारे मिला था
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। बाढकुम्मेद निवासी एक युवक ने शुक्रवार शाम को जहरीला पदार्थ खा लिया। उपचार के लिए उसे चरक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। यहां उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक के दोस्त ने भी तीन दिन पूर्व जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद से वह काफी दुखी था।
पुलिस ने बताया कि समीर मीणा निवासी बाढ़कुम्मेद ने शुक्रवार शाम को घर की छत पर जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया था। जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई थी। स्वजन ने उसे चरक अस्पताल में भर्ती करवाया था। जहां इलाज के दौरान देर रात को उसकी मौत हो गई।
मृतक के स्वजन ने पुलिस को बताया कि समीर का दोस्त आशीष एक बैंक में काम करता था। 13 मई की सुबह उसका शव सड़क किनारे मिला था। प्राथमिक जांच में पता चला है कि उसने जहरीला पदार्थ खाया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। दोस्त की मौत के बाद से ही समीर काफी परेशान था। वह भी तीन दिन से आत्महत्या की बात कह रहा था। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है।
स्टेशन पर खोया सात वर्षीय बालक, आरपीएफ ने खोजकर मां को सौंपा
उज्जैन: रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करने के दौरान एक महिला का सात वर्षीय बालक खो गया। जिससे वह बदहवास हाे गई। आरपीएफ जवानों ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से तलाश शुरू की थी। फुटेज में बालक अकेला ही फुटओवर ब्रिज पर दिखाई दिया था। जिसे उसकी मां को सौंपा गया है।
आरपीएफ निरीक्षक नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पूना पत्नी विजय ठाकुर निवासी ग्राम बोरियो कटंगी जबलपुर ने शनिवार को शिकायत की थी कि वह महाकाल दर्शन करने के लिए अपने सात वर्षीय पुत्र के साथ उज्जैन आई थी। दर्शन के बाद वापस घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन का इंतजार कर रही थी। उसी दौरान महिला का सात वर्षीय बालक कहीं खो गया था। एएसआइ शिवसिंह बघेल व प्रधान आरक्षक राजकुमार देवड़ा ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। जिसमें बालक नागदा साइड एफओबी के ऊपर एक अकेला घूमता हुआ दिखाई दे रहा था। आरपीएफ जवानों ने एफओबी से लेकर आए और उसकी मां को सौंप दिया।
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