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उज्जैन में डोल ग्यारस पर राजसी वैभव के साथ नगर भ्रमण पर निकले भगवान महाकाल के सेनापति कालभैरव


जल झूलनी एकादशी (डोल ग्यारस) पर मंगलवार को भगवान महाकाल के सेनापति भगवान कालभैरव राजसी वैभव के साथ नगर भ्रमण पर निकले। चांदी की पालकी में विराजित बाबा…और पढ़ें

Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 07:55:09 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 07:55:09 PM (IST)

उज्जैन में डोल ग्यारस पर राजसी वैभव के साथ नगर भ्रमण पर निकले भगवान महाकाल के सेनापति कालभैरव
चांदी की पालकी में विराजित भगवान कालभैरव। -प्रकाश प्रजापत

HighLights

  1. मुख्य द्वार पर सशस्त्र बल ने दी सलामी
  2. 50 से अधिक स्थानों से पुष्पवर्षा कर हुआ पालकी का स्वागत
  3. जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : जल झूलनी एकादशी (डोल ग्यारस) पर मंगलवार को भगवान महाकाल के सेनापति भगवान कालभैरव राजसी वैभव के साथ नगर भ्रमण पर निकले। चांदी की पालकी में विराजित बाबा कालभैरव की सवारी का जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। करीब चार किलोमीटर लंबे मार्ग पर तीन घंटे तक भक्ति का उल्लास छाया रहा।

दोपहर 3.30 बजे कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने भगवान कालभैरव के रजत मुखारविंद एवं चरण पादुकाओं का पूजन कर पालकी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। इससे पूर्व ग्वालियर से लाई गई सिंधियाशाही की शाही पगड़ी भगवान कालभैरव को धारण कराई गई।

भगवान काल भैरव और शिव शक्ति का स्वरूप धारण कर सवारी में शामिल श्रद्धालु। -प्रकाश प्रजापत

मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र बल की टुकड़ी ने सेनापति को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई कारवां में पुलिस बैंड, सशस्त्र बल की टुकड़ी, धार्मिक झांकियां, अखाड़े, हाथी-घोड़े शामिल थे। परंपरा अनुसार विभिन्न स्थानों पर पालकी का पूजन किया गया।

जेल अधीक्षक ने भगवान की पालकी का पूजन किया

सवारी कालभैरव मंदिर से नया बाजार, भैरवगढ़ नाका, माणकचौक और महेंद्र मार्ग होते हुए केंद्रीय जेल तिराहे पहुंची। यहां जेल अधीक्षक ने भगवान की पालकी का पूजन किया। इसके बाद परंपरागत मार्गों से होते हुए सवारी सिद्धवट पहुंची। यहां वैकुंठ द्वार पर पुजारियों ने शिप्रा जल से बाबा काल भैरव व पादुकाओं का पूजन किया। पूजन के बाद सवारी ब्रजपुरा, जेल तिराहा होते हुए पुन: काल भैरव मंदिर पहुंची।



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