उज्जैन में स्कूलों की 12 से 15 किमी दूर शिफ्टिंग किए जाने के विरोध में पिछले शुक्रवार को छात्राएं सड़क पर उतरी थीं। छात्राओं के आंदोलन के बाद प्रशासन …और पढ़ें

HighLights
- छात्राएं पिछले शुक्रवार को सड़क पर उतर आई थीं
- आसपास शैक्षणिक ढांचा विकसित करने का रास्ता तलाशा जा रहा
- अपडेटेशन के लिए 2.5 करोड़ रुपये देने की घोषणा
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। स्कूलों की 12 से 15 किमी दूर शिफ्टिंग किए जाने के विरोध में पिछले शुक्रवार को छात्राएं सड़क पर उतरी थीं। छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया था। इस आंदोलन के बाद प्रशासन ने स्कूलों की शिफ्टिंग का अभियान फिलहाल रोक दिया है।
बता दें कि गत 30 मार्च को महाकाल क्षेत्र के 11 सरकारी स्कूलों को सांदीपनि परिसर में शिफ्ट करने का आदेश जारी हुआ था। इनमें आठ स्कूल शिफ्ट हो चुके हैं, जबकि सराफा, माधवगंज और महाराजवाड़ा क्रमांक-2 अब तक पुराने भवनों में संचालित हैं। इन तीनों में करीब 1800 विद्यार्थी और 74 शिक्षक-कर्मचारी हैं।
छात्राएं पिछले शुक्रवार को सड़क पर उतर आई थीं
इसी मामले को लेकर छात्राएं पिछले शुक्रवार को सड़क पर उतर आई थीं। आंदोलित सराफा स्कूल की छात्राओं का कहना था कि उन्होंने घर के पास होने के कारण स्कूल चुना है। दाउदखेड़ी जाने पर रोज करीब 12 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
आसपास ही स्थायी शैक्षणिक ढांचा विकसित करने का रास्ता तलाशा जा रहा
छात्राओं के प्रदर्शन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने समिति बनाकर पालकों और विद्यार्थियों की बात सुनने का आश्वासन दिया था। अब प्रशासन ने यहां के सराफा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल को तत्काल शिफ्ट न करने का निर्णय लिया है।
सराफा, माधवगंज और महाराजवाड़ा क्रमांक-दो के स्कूलों के लिए शिप्रा नदी के किनारे गुरुद्वारे के पास नया स्कूल भवन बनाने के लिए जमीन चिह्नित की गई है। यानी मौजूदा स्कूलों को करीब 12 किलोमीटर दूर दाउदखेड़ी भेजने के बजाय क्षेत्र के आसपास ही स्थायी शैक्षणिक ढांचा विकसित करने का रास्ता तलाशा जा रहा है।
अपडेटेशन के लिए 2.5 करोड़ रुपये देने की घोषणा
विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने तत्काल अपनी निधि से धानमंडी स्कूल के अपडेटेशन के लिए 2.5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इससे यह संकेत भी मिला कि नए भवन तैयार होने तक मौजूदा स्कूलों की सुविधाओं में सुधार पर जोर रहेगा।