MP News: सिंहस्थ-2028 की तैयारी के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन में 1133 करोड़ 67 लाख रुपये लागत की महत्वाकांक्षी जल आवर्धन योजना …और पढ़ें
HighLights
- उज्जैन में खुलेगा आयुर्वेदिक एम्स, मुख्यमंत्री ने की घोषणा
- कार्यक्रम शिप्रा नदी किनारे हरियाखेड़ी गांव में हुआ
- कार्यक्रम शिप्रा नदी किनारे हरियाखेड़ी गांव में हुआ
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारी के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को उज्जैन में 1133 करोड़ 67 लाख रुपये लागत की महत्वाकांक्षी जल आवर्धन योजना का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम शिप्रा नदी किनारे हरियाखेड़ी गांव में हुआ। यहां जल शोधन प्लांट स्थापित किया जाएगा।
डा. मोहन यादव ने उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स खोलने की घोषणा की। जल आवर्धन योजना लगभग सात लाख शहरवासियों की बढ़ती पानी की जरूरतों को पूरा करेगी और सिंहस्थ में आने वाले 30 करोड़ श्रद्धालुओं की प्यास भी बुझाएगी।
योजना के पूरा होने के बाद उज्जैन की जल शोधन क्षमता मौजूदा 151 एमएलडी से बढ़कर 400 एमएलडी हो जाएगी। योजना अंतर्गत चार बड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट- हरियाखेड़ी (100 एमएलडी), अंबोदिया (70 एमएलडी), गऊघाट (30 एमएलडी) और एक अन्य स्थल (50 एमएलडी) स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 17 नई उच्च स्तरीय टंकियां, 500 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन का प्रतिस्थापन, गंभीर और शिप्रा नदी पर इंटकवेल निर्माण का काम भी होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल आवर्धन योजना वर्ष 2055 तक की उज्जैन की जलआपूर्ति व्यवस्था बन जाएगी। डा. मोहन यादव ने आकाशवाणी इंदौर टीम को पांच घंटे 40 मिनट तक महाकाल की राजसी सवारी का लाइव प्रसारण कर विश्व रिकॉर्ड बनाने पर सम्मानित किया। यह नान-स्पोर्ट्स श्रेणी का सबसे लंबा प्रसारण रहा था।
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केंद्रीय बजट में 1000 करोड़ रुपये का प्रविधान, 35 एकड़ जमीन की मांग
इस बार के केंद्रीय बजट में उज्जैन सहित देश के दो अन्य स्थानों पर आयुर्वेदिक एम्स खोलने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकार ने संस्थान के लिए 35 एकड़ जमीन की मांग की है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने फरवरी 2025 में पहली बार उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने का जिक्र किया था और इसके बाद विभिन्न कार्यक्रमों और मंचों से उज्जैन को आयुर्वेद और वेलनेस हब के रूप में विकसित करने की बात दोहराते रहे हैं।

