Site icon Mahakal Mandir News

उज्जैन में कार पुल से नीचे गिरने का वीडियो आया सामने, नदी में दो किमी दूर मिली गाड़ी; पुलिसकर्मियों की तलाश जारी


उज्जैन में शनिवार रात शिप्रा नदी के पुल से एक कार गिर गई, जिसमें तीनों पुलिसकर्मी सवार थे। हादसे में एक पुलिसकर्मी का शव बरामद हुआ है, जबकि दो अभी लापता हैं। पुलिस और गोताखोरों की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

Publish Date: Mon, 08 Sep 2025 11:59:15 AM (IST)

Updated Date: Mon, 08 Sep 2025 06:24:25 PM (IST)

वीडियो में कार पुल से शिप्रा नदी में गिरती हुई नजर आई।

HighLights

  1. पुलिसकर्मियों की आखिरी लोकेशन दुर्घटना स्थल पर मिली थी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
  2. 1955 में बना पुल, रोशनी के इंतजाम नहीं, बारिश में इससे रेलिंग निकाल ली जाती है।
  3. थाना प्रभारी अशोक शर्मा का चक्रतीर्थ पर अंतिम संस्कार, गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन में शिप्रा नदी के बड़े पुल से नीचे गिरी कार का वीडियो सामने आया है। वीडियो में कार अन्य वाहनों के साथ जाती दिख रही है और अचानक पुल से नीचे गिर जाती है। इधर कार की तलाश में लगी पुलिस को उसके पुल से दो किमी मिलने की सूचना मिली है। जानकारी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार को बाहर निकालने में जुट गई है। कार के साथ डूबे उन्हेल थाना टीआई अशोक शर्मा का शव मिला है। एसआई मदन लाल निनामा का भी शव मिला। महिला आरक्षक की तलाश जारी है।

बड़नगर रोड पर शनिवार रात शिप्रा के बड़े पुल को पार करते समय एक कार नदी में गिर गई थी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान रविवार सुबह पता चला कि कार में उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा, एसआइ मदन लाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल सवार थे। सुबह अशोक शर्मा का शव मिला।

एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उन्हेल थाना क्षेत्र के ग्राम गुराड़िया से 14 साल की किशोरी लापता हो गई थी। शनिवार शाम को उसकी मोबाइल लोकेशन चिंतामण क्षेत्र में मिली थी। इस पर तीनों पुलिसकर्मी चिंतामण क्षेत्र जा रहे थे। कार आरती पाल चला रही थी। रात 8.55 बजे कार हादसे का शिकार हो गई।

रात दो बजे पता चला कि कार में पुलिसकर्मी हैं

रात दो बजे पुलिस अधिकारियों को जानकारी मिली कि उन्हेल टीआई और अन्य पुलिसकर्मियों के मोबाइल कॉल नहीं लग रहे हैं। सभी की आखिरी मोबाइल लोकेशन दुर्घटना स्थल की निकली। रात में रेस्क्यू के दौरान कोई सफलता नहीं मिली। रविवार सुबह एक बार फिर गोताखोर नदी में उतरे। सुबह आठ बजे थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव दुर्घटना स्थल से ढाई किमी दूर बरामद हुआ। यह देख शर्मा के स्वजन बिलख उठे।

रेलिंग निकाली, रोशनी के इंतजाम नहीं… इसलिए हादसा

जिस पुल पर हादसा हुआ, वह 1955 में बना था। इसका लोकार्पण पूर्व प्रधानमंत्री और तत्कालीन केंद्रीय परिवहन मंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने किया था। इसकी लंबाई लगभग 150 मीटर और चौड़ाई 7.5 मीटर है। पुल पर रोशनी के इंतजाम नहीं है। वर्षा के दौरान पुल को नुकसान से बचाने के लिए रेलिंग भी निकाली ली जाती है।

थाना प्रभारी का अंतिम संस्कार, गार्ड ऑफ ऑनर दिया

थाना प्रभारी अशोक शर्मा का चक्रतीर्थ पर अंतिम संस्कार किया गया। गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। बड़े बेटे हर्ष शर्मा ने मुखाग्नि दी। अशोक शर्मा मूल रूप से बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। वर्ष 1988 में मप्र पुलिस भर्ती परीक्षा पास करने पर वह आरक्षक पद पर भर्ती हुए थे। पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में 27 मई 1988 को उन्होंने ट्रेनिंग पूरी कर पीटीएस में टाप किया था। उन्हें आउट आफ टर्न पदोन्नति मिली थी। वर्ष 2028 में वह सेवानिवृत्त होने वाले थे।



Source link

Exit mobile version