उज्जैन में 17 से 19 सितंबर तक युवा धर्म संसद होगी। 24 राज्यों से 1500 युवा धर्म, संस्कृति, राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, विज्ञान और तकनीक पर संवाद करेंगे।

HighLights
- उज्जैन में 17 सितंबर से युवा धर्म संसद शुरू होगी।
- देशभर के 24 राज्यों से 1500 युवा शामिल होंगे।
- पहले दिन पुस्तक मेला, कला प्रदर्शनी और युवा पंचायत।
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : ‘सेवाज्ञ संस्थानम्’ की युवा धर्म संसद का छठवां संस्करण 17 सितंबर से देवास रोड स्थित गीता भवन में होगा। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय विचार महासंगम में देशभर से 24 राज्यों के 1500 से अधिक युवा शामिल होंगे, जिसमें कला, आध्यात्म, साहित्य, समाज सेवा, शासन, शिक्षा और प्रबंधन क्षेत्र की ख्यात हस्तियां युवाओं से सीधा संवाद करेंगी।
राष्ट्र निर्माण और मानवीय मूल्यों पर विचार-मंथन
- आयोजन में युवाओं के मन में उठ रहे समसामयिक सवालों, राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और सांस्कृतिक चेतना के साथ बदलते तकनीकी दौर में धर्म एवं मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता पर विचार-मंथन होगा। पहले दिन शाम 4 बजे पुस्तक मेला एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा।
कल मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन
- युवा धर्म संसद का विधिवत उद्घाटन 18 सितंबर को सुबह 10 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत के मुख्य आतिथ्य में होगा। अध्यक्षता सेवाज्ञ संस्थानम् के संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण करेंगे। नई दिल्ली के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी और सेवाज्ञ संस्थानम् के अध्यक्ष आशीष कुमार आशु भी मंच पर मौजूद रहेंगे।
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19 को सीएम करेंगे समापन, कृषि संस्कृति से धर्मस्थलों की भूमिका तक चर्चा
- युवा धर्म संसद का समापन 19 सितंबर को शाम 4 बजे होगा। समापन सत्र में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इसके पहले सुबह 10 बजे के सत्र में ‘ऋषि एवं कृषि संस्कृति के मध्य भारत का आजीविका विचार’ विषय पर व्याख्यान होगा।
- इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष पद्मभूषण रामबहादुर राय, शिक्षाविद डा. इन्दुमति काटदरे, वैज्ञानिक एवं लेखक प्रो. आनंद रंगनाथन तथा आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण मार्गदर्शन करेंगे। अपराह्न 1.30 बजे के सत्र में ‘मनुष्य-निर्माण में आस्था का महत्व तथा धर्मस्थलों की भूमिका’ विषय पर भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद मिश्र, शिक्षाविद डा. बलराम शुक्ल, उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमृत अभिजात और वीर भारत न्यास के सचिव राम तिवारी विचार रखेंगे।