एआई आधारित वीडियो सर्विलांस प्रणाली ‘त्रिनेत्र’ को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड के लिए चयनित किया गया है। …और पढ़ें

HighLights
- एआई आधारित ‘त्रिनेत्र’ प्रणाली को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड
- 600 से अधिक स्मार्ट कैमरों से होती है श्रद्धालुओं की निगरानी
- भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन में प्रभावी साबित हो रहा सिस्टम
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए स्थापित एआई आधारित वीडियो सर्विलांस प्रणाली ‘त्रिनेत्र’ को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड के लिए चयनित किया गया है। गुरुवार को केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी 29वें ई-गवर्नेंस पुरस्कारों की सूची में महाकाल मंदिर की ‘त्रिनेत्र’ प्रणाली को शामिल किया गया।
श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2022 में श्री महाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन 80 हजार से एक लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। श्रावण मास, विशेष तिथियों, पर्व और अवकाश के दिनों में यह संख्या और अधिक बढ़ जाती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा, निगरानी और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मंदिर प्रबंध समिति ने एआई आधारित आधुनिक वीडियो सर्विलांस प्रणाली शुरू की थी, जिसे ‘त्रिनेत्र’ नाम दिया गया।
ऐसे काम करता है ‘त्रिनेत्र’ सिस्टम
- ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर और श्री महाकाल महालोक परिसर में 600 से अधिक एडवांस एआई आधारित कैमरे लगाए गए हैं।
- सभी कैमरों को एक विशेष कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जहां से सुरक्षाकर्मी और अधिकारी रियल-टाइम मॉनिटरिंग करते हैं।
- यह प्रणाली श्रद्धालुओं की संख्या, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रतिबंधित स्थानों में होने वाली गतिविधियों की सटीक जानकारी उपलब्ध कराती है।
प्रभावी ढंग से संचालित
सिस्टम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर अधिकारी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर पाते हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार ‘त्रिनेत्र’ प्रणाली ने दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ-साथ सुरक्षा निगरानी को भी अधिक मजबूत किया है, जिसके चलते इसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।
यह भी पढ़ें- भोपाल में शिक्षकों को बड़ा तोहफा… चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान के आदेश जारी, 35 वर्ष की सेवा पर मिलेगा लाभ