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उज्जैन जिले में बारिश और ओले गिरने से गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान, एक किसान ने कर ली खुदकुशी


नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन जिले की माकड़ोन तहसील के ग्राम खेड़ा जमुनिया के किसान 28 वर्षीय पंकज मालवीय ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी। स्वजन का आरोप है कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा था। इस कारण उसने यह कदम उठाया। अधिकारियों का कहना है कि किसान की फसल खराब नहीं हुई है। जांच की जा रही है। इधर, विधायक महेश परमार ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।

बीती रात उज्जैन जिले के अधिकांश क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई, जिससे गेहूं का उत्पादन तथा गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासनिक अमला प्रभाव क्षेत्र का सर्वे करने में जुट गया है। जानकारी के अनुसार जिले में नागदा, महिदपुर, खाचरौद तथा तराना तहसीलों में बीती रात तेज वर्षा के साथ ओलावृष्टि होने से सैकड़ों गांव के खेतों में गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई। इससे उत्पादन तथा गुणवत्ता प्रभावित होगी।

गेहूं की फसल में बाली आना शुरू हो गई थी

बता दें गेहूं की फसल अभी करीब 45 से 50 दिन की हो गई है। गेहूं की बाली आना शुरू हो गई थी। इसी दौरान बरसात तथा ओलावृष्टि से आड़ी पड़ जाने से गुणवत्ता काफी कमजोर होगी तथा उत्पादन भी 50 फ़ीसदी रह जाने की आशंका है। भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष बहादुरसिंह आंजना ने बताया कि किसानों को सोयाबीन की नुकसानी के बाद अब गेहूं में भी काफी नुकसान दिखाई दे रहा है।

तराना क्षेत्र के करीब 50 गांव के किसान गेहूं की नुकसानी में आ गए हैं। किसान संघ ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे करवा कर किसानों को राहत राशि प्रदान करें। एसडीएम सारस्वत शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने प्रभावित क्षेत्र का सर्वे करने का आदेश जारी कर दिया है। बुधवार को राजस्व, कृषि तथा बीमा कंपनी की टीम ने जिले में प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर सर्वे किया है। इसकी रिपोर्ट जल्द बनाकर कलेक्टर को पेश की जाएगी।

फसल नुकसान की शिकायत टोल फ्री नंबर पर दर्ज करवाएं

उपसंचालक कृषि के अनुसार समस्त किसान जिनकी भी फसल प्राकृतिक आपदा अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है वे नुकसान की जानकारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत इफकोटोकियो फसल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 14447 पर 72 घंटे के अंदर दर्ज करवाएं।शिकायत दर्ज करते समय कृषक फसल बीमा पालिसी नंबर, आधार कार्ड, सर्वे नंबर, केसीसी खाता नंबर अवश्य रखें। गेहूं की फसल को नुकसान उन्हेल।

अंचल में कई स्थानों पर मावठे के साथ ओले भी गिरे। इससे गेहूं की फसलें आड़ी हो गईं। उन्हेल के आठ से ज्यादा गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा। ग्राम नवादा, पिपलिया मोलू, उन्हेल कस्बा, आक्यानजिक, पानखेड़ी हापाखेड़ा, मंडला गुराछा, बरखेड़ा माडन में भी नुकसान की खबर है। कृषक रणछोड़ अंजना पानखेड़ी का कहना है कि जिन किसानों ने अपनी कृषि का बीमा कर रखा है, वह जहां पर भी बीमा कर रखा है, उस संस्था से बीमा पालिसी नंबर इन्फो टोकिया बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर 72 घंटे के अंदर शिकायत दर्ज करवाएं।

बिगड़ी फसल का विधायक ने लिया जायजा

महिदपुर। बेमौसम बरसात और ओले से हुए नुकसान को लेकर विधायक दिनेश जैन बोस, कृषि अमला एवं राजस्व अमले के साथ फसलों का जायजा लेने गांवों में पहुंचे। ग्राम मारूखेड़ा, सिमरोल, डूंगरखेड़ी, खेड़ामद्दा, खेड़ाकासोन, डूंगरखेड़ा, बागनी, घोड़ाबाग, सिमरोल आदि गांवों में झारड़ा तहसीलदार खान व आरआइ पटवारी एवं किसानों के साथ दौरा कर नुकसानग्रस्त फसलों का स्थल निरीक्षण किया।

प्रभावित किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी। साथ ही जहां नुकसान हुआ है, वहां तत्काल नुकसानग्रस्त फसलों का सर्वे कराने एवं प्रभावित किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश तहसीलदार को दिए। इसी प्रकार विधायक, कृषि एवं राजस्व अमले को साथ लेकर झारड़ा के 113 गांव, महिदपुर के 140 गांव व नागदा के 22 गांवों का दौरा करेंगे। इस दौरान महिदपुर रोड ब्लाक अध्यक्ष भरत शर्मा, राजा सेन एवं अन्य कांग्रेसी साथ थे।

पीड़ित किसानों से की चर्चा

नजरपुर। मंगलवार को असमय हुए मावठे के कारण किसानों के खेत में पककर कटने को तैयार गेहूं, चने की फसल पर ओलावृष्टि के कारण फसलें आड़ी पड़ गई। क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और समाजसेवी मदनलाल गुजराती, जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष अशोक जाट ने क्षेत्र में भ्रमण कर पीड़ित किसानों से चर्चा की और ओलावृष्टि एवं मावठे से गेहूं, चने, सरसों की फसलों के नुकसान का आकलन कर किसानों को ढांढस बंधाया। घट्टिया के अंतर्गत पानबिहार, जैथल, उन्हेल, ताजपुर, आवलिया, भूतिया, मऊखेड़ी आदि सैकड़ों गांव में किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी है।



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