शिक्षक द्वारा छात्र की क्रूरता से पिटाई करते हुए वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि शिक्षक को छात्र का दूसरे के बिस्तर में सोना नागवार गुजरा और व …और पढ़ें
HighLights
- सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान में हुई क्रूरता
- शिक्षक दत्तदास सेवड़े का वीडियो वायरल
- सहमे छात्र के साथ अमानवीय व्यवहार
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान में शिक्षक द्वारा छात्र की क्रूरता से पिटाई करते हुए वीडियो सामने आया है। बताया जाता है शिक्षक को छात्र का दूसरे के बिस्तर में सोना नागवार गुजरा और वह छड़ी से छात्र को निर्ममता से पीटने लगा। जिस समय छात्र की पिटाई हो रही थी, अन्य विद्यार्थी सहमे हुए बैठे थे। बच्चे के साथ हुए इस अमानवीय व्यवहार पर प्रतिष्ठान प्रबंधन मौन है। मामले में सचिव वीरूपाक्ष जड्डीपाल से चर्चा करनी चाही, किंतु उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
आदर्श वेद विद्यालय का मामला
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा उज्जैन में चिंतामन रोड पर महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान संचालित किया जाता है। संस्थान के अंतर्गत शहर में 20 से अधिक गुरुकुल पाठशालाएं संचालित हो रही हैं। यह सभी आवासीय गुरुकुल हैं, यहां बच्चों को गुरु-शिष्य परंपरा से वेदाध्ययन कराया जाता है। शनिवार को वायरल वीडियो प्रतिष्ठान के माध्यम से संचालित आदर्श वेद विद्यालय का है। शिक्षक दत्तदास सेवड़े विद्यार्थी को हरी छड़ी से बेरहमी से पीटते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में जो दृश्य दिखाई दे रहा है उसके अनुसार शिक्षक की निर्मम पिटाई से छात्र कराह रहा है, लेकिन डर के मारे कुछ बोल नहीं पा रहा है।
प्रबंधन की चुप्पी
वायरल वीडियो पर चर्चा करने के लिए इसे नईदुनिया द्वारा संस्थान के कुंजबिहारी पांडेय को भी भेजा गया। हालांकि वीडियो देखते ही उन्होंने चुप्पी साध ली। कुछ आश्रम संचालकों ने शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए संस्थाएं बना रखी हैं। इन्हें वेद विद्या प्रतिष्ठान, संस्कृत संस्थान आदि से संबद्ध करा लिया है। संस्थान विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार उन्हें राशि प्रदान करता है। संस्थाओं को इसी राशि से विद्यार्थियों को पढ़ाना-लिखाना चाहिए।
सूत्र बताते हैं संस्थाएं संबद्ध संस्थानों से तो अनुदान ले ही रही हैं, विद्यार्थियों के माता-पिता से भी मोटी रकम लेती हैं। इसके अलावा दानदाताओं से बच्चों के लिए पाठ्य सामग्री, ऊनी वस्त्र, बरसाती छाते आदि दान में प्राप्त किए जाते हैं। किन पाठशालाओं में अनुदान के अलावा माता-पिता से रुपये व अलग से दान लिया जा रहा है, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

