विक्रम व्यापार मेले ने उज्जैन शहर में सैकड़ों करोड़ रुपये का कारोबार पैदा किया, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार दोनों को मजबूती मिली है। …और पढ़ें
HighLights
- आज मेले का आखिरी दिन, अरबों का हुआ कारोबार
- वर्ष 2024 में मेले के दौरान 23705 वाहन बिके थे
- 2025 में यह संख्या बढ़कर 36225 तक पहुंची थीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाशिवरात्रि (15 फरवरी) से शुरू हुआ विक्रम व्यापार मेला 29 मार्च को अपने समापन की ओर है, लेकिन इससे पहले ही शहर ने आटोमोबाइल बिक्री में नया इतिहास रच दिया है। शनिवार शाम तक मेले में 38 हजार वाहनों की बिक्री दर्ज की गई, जिनमें 32 हजार से अधिक कारें शामिल हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्षों से अधिक है, जिससे उज्जैन ने एक बार फिर अपना ही रिकार्ड तोड़ते हुए प्रदेश में नई मिसाल कायम की है।
पिछले वर्षों के आंकड़े भी इस उछाल को स्पष्ट करते हैं। वर्ष 2024 में मेले के दौरान 23705 वाहन बिके थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 36225 तक पहुंची थीं। इस वर्ष 2026 में 38 हजार का आंकड़ा पार कर लेना यह दर्शाता है कि बाजार लगातार विस्तार कर रहा है और उपभोक्ता मांग नई ऊंचाइयों पर है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष कुमार मालवीय ने बताया कि इस रिकॉर्ड बिक्री से उज्जैन की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त कैश फ्लो आया है। ऑटोमोबाइल सेक्टर के साथ-साथ बैंकिंग, फाइनेंस, बीमा, सर्विस और एक्सेसरी इंडस्ट्री को भी सीधा लाभ मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मेले ने शहर में सैकड़ों करोड़ रुपये का कारोबार पैदा किया, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार दोनों को मजबूती मिली है।
सरकारी नीति का प्रभाव : टैक्स छूट बनी सबसे बड़ा कारण
राज्य सरकार द्वारा दी गई 50 प्रतिशत रोड टैक्स छूट और इलेक्ट्रिक वाहनों पर पूर्ण टैक्स माफी इस सफलता की सबसे बड़ी वजह रही। इन्हीं प्रोत्साहनों के चलते मध्यम वर्ग के लिए वाहन खरीदना आसान हुआ और बाजार में मांग कई गुना बढ़ गई।
प्रीमियम सेगमेंट में उछाल
इस बार मेले में हाई-एंड सेगमेंट में भी मजबूत रुझान देखने को मिला। एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली 20 से ज्यादा लग्जरी गाड़ियां बिकीं, जो शहर में बढ़ती आर्थिक समृद्धि और हाई-इनकम ग्रुप की सक्रियता को दर्शाती हैं। कारों की भारी बिक्री यह संकेत देती है कि अब लोग केवल जरूरत के लिए नहीं, बल्कि सुविधा, सुरक्षा और स्टेटस के लिए भी वाहन खरीद रहे हैं। त्योहारों और शुभ मुहूर्त के दौरान खरीदारी की परंपरा ने भी बिक्री को गति दी।
चुनौतियां : ट्रैफिक और पर्यावरण पर बढ़ता दबाव
रिकॉर्ड बिक्री के साथ शहर में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या भी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करना जरूरी होगा।
विक्रम व्यापार मेले की सफलता उज्जैन को मध्य प्रदेश के प्रमुख ऑटोमोबाइल बाजार के रूप में स्थापित कर रही है। लगातार बढ़ते आंकड़े, मजबूत उपभोक्ता मांग और प्रभावी सरकारी नीतियां यह संकेत देती हैं कि आने वाले वर्षों में यह मेला और भी बड़े आर्थिक प्लेटफार्म के रूप में उभरेगा।

