छात्रों ने प्रिंसिपल की टेबल पर सैकड़ों लड्डुओं से भरी परात रख दी। विरोध दर्ज कराते हुए छात्रों ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय प्रशासन की शह पर यह सब हो…और पढ़ें

HighLights
- कॉलेज परिसर से स्थापित गणेश जी की प्रतिमा रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गई
- प्राचार्य कक्ष में काफी देर तक गहमागहमी और नोकझोंक का माहौल बना रहा
- छात्रों ने कहा- प्रतिमा गायब होने के मामले में कोई ठोस जवाब नहीं मिलता तो आंदोलन करेंगे
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित ‘पीएम एक्सीलेंस’ शासकीय माधव कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में गणेशोत्सव पर्व के दौरान उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब कॉलेज परिसर से स्थापित गणेश जी की प्रतिमा रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गई। इस घटना से आक्रोशित छात्र सीधे प्राचार्य डॉ. कल्पना सिंह के कक्ष में घुस आए और एक अनोखा व तीखा प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्राचार्य को ‘गणेश’ मानकर की आरती और चढ़ाया भोग
छात्रों ने प्राचार्य की मेज पर सैकड़ों लड्डुओं से भरी परात रख दी। विरोध दर्ज कराते हुए छात्रों ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय प्रशासन की शह पर यह सब हो रहा है, इसलिए वे प्राचार्य को ही गणेश जी का प्रतीक मानकर उनके सामने लड्डुओं का भोग लगा रहे हैं और आरती गा रहे हैं। इस दौरान प्राचार्य कक्ष में काफी देर तक गहमागहमी और नोकझोंक का माहौल बना रहा।
पक्षपात और राजनीति का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि महाविद्यालय प्रशासन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रति रणनीतिक समर्थन दिखा रहा है और आम विद्यार्थियों के साथ भेदभाव कर रहा है। छात्रों ने कहा कि वे वर्षों से मिल-जुलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में गणेशोत्सव मनाते आ रहे हैं। परंतु इस बार रणनीति के तहत आम छात्रों को मुख्य धार्मिक आयोजन व आरती से दूर रखने का प्रयास किया गया और बाद में प्रतिमा को ही गायब करा दिया गया।
कालिख की डिब्बी रखी, इस्तीफे की मांग की
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि प्रतिमा गायब होने के मामले में कोई ठोस जवाब नहीं मिलता तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने मेज पर एक काली स्याही (कालिख) की डिब्बी रखते हुए कहा कि पक्षपात करने वाले अधिकारी या तो दोषियों पर कार्रवाई करें या फिर स्वयं अपने चेहरे पर कालिख पोत लें। इसके साथ ही छात्रों ने कॉलेज को निष्पक्ष रूप से चलाने में असफलता का हवाला देते हुए प्राचार्य से नैतिकता के आधार पर पद छोड़ने (इस्तीफे) की मांग की।
प्राचार्य का रुख, जांच के बाद होगी कार्रवाई
दूसरी ओर, प्राचार्य डा. सिंह ने कक्ष में बिना अनुमति दाखिल होने, वीडियोग्राफी करने और अमर्यादित रवैये पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था में नियमों का पालन आवश्यक है। प्राचार्य ने छात्रों से शांत रहने और अनुशासन समिति को लिखित शिकायत देने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और घटना में शामिल तथा अनुशासनहीनता करने वाले आरोपित छात्रों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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