महाकाल मंदिर समिति का कहना है कि विगत दिवस शयन आरती के दौरान महिला श्रद्धालु द्वारा निर्गम मार्ग को अवरुद्ध किया गया। इससे दर्शनार्थियों को आवागमन में …और पढ़ें
HighLights
- महाकाल मंदिर में शयन आरती के दौरान हुआ था हंगामा
- मंदिर प्रशासन ने कहा- महिला ने रास्ता रोक रखा था
- महिला की ओर से इसकी शिकायत दर्ज करवाई गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाकाल मंदिर में एक महिला दर्शनार्थी के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया वायरल हो रहे इस वीडियो में महिला श्रद्धालु मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट के आरोप लगाते नजर आ रही है। मामले में मंदिर समिति ने सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की है।
मंदिर समिति का कहना है कि विगत दिवस शयन आरती के दौरान महिला श्रद्धालु द्वारा निर्गम मार्ग को अवरुद्ध किया गया। इससे दर्शनार्थियों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। गार्डों ने महिला से रास्ता छोड़ने को कहा, इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। मामले में मंदिर प्रशासन ने महाकाल थाने में शिकायती आवेदन दिया है। महिला की ओर से भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिवनवरात्र की पूजा शासकीय, किसी से राशि या भोग नहीं लिया जाता
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शिवनवरात्र के दौरान भगवान महाकाल को 10 दिन विभिन्न प्रकार के ड्रायफ्रूट भोग लगाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने इस प्रकार के प्रचार को अनुचित बताया है। प्रशासक के अनुसार शिवनवरात्र के नौ दिवसीय उत्सव की संपूर्ण पूजन व भोग परंपरा सरकारी है। किसी भक्त से इसके लिए को राशि या भोग नहीं लिया जाता है, इस प्रकार का प्रचार अनुचित है।
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया महाकाल मंदिर में शिवनवरात्र के रूप में महाशिवरात्रि उत्सव मनाया जाता है। महाकाल मंदिर की पूजन परंपरा के अनुसार इस बार यह उत्सव 6 से 15 फरवरी तक मनाया जा रहा है। शुक्रवार को शिव पंचमी की पूजा के साथ महापर्व की शुरुआत हुई।पुजारियों ने भगवान महाकाल को केसर, चंदन तथा जलाधारी पर हल्दी अर्पित की।
दस दिवसीय पूजन अनुष्ठान में अभिषेक,पूजन में उपयोग होने वाली संपूर्ण पूजन सामग्री का इंतजाम मंदिर समिति द्वारा किया जाएगा। भोग भी मंदिर की परंपरा अनुसार मंदिर समिति ही लाएगी। महाशिवरात्रि के अगले दिन सुबह भगवान को पंच मेवे का भोग लगाया जाएगा। उसकी व्यवस्था मंदिर समिति की ओर से की जाएगी। किसी व्यक्ति से इसके लिए सूखे मेवे नहीं लिए जाते हैं। अगर कोई इस प्रकार का प्रचार करता है, तो वह गलत है।

